मुझे क्यों देखनी है अनारकली ऑफ़ आरा

पिछले साल के आखिर में हुए पटना फिल्म फेस्टिवल में अविनाश दास के बारे में जानने का मौका मिला और तभी पता चला कि इनकी पहली फिल्म आने वाली है। तब इस फिल्म का नाम “अनारकली आरावाली” था और ये नाम ही मेरा ध्यान खींचने के लिए काफ़ी था। तब ना तो मैं अविनाश दास जी से परिचित था और न ही इस फिल्म के विषय से वाकिफ़ था फिर भी इस नाम मात्र ने इस फिल्म के प्रति मेरी उत्सुकता बढ़ा दी थी। फिर इन्हें फेसबुक पर खोज के फॉलो किया, इनको पढ़ के काफी प्रभावित हुआ तो फिल्म के प्रति और रूचि जागी। और इधर कुछ दिनों पहले इस फिल्म की रिलीज़ डेट पता चली और तब से अब तक फिल्म के बारे में काफी कुछ पता चला है और सारी ही अच्छी बातें है।

“अनारकली ऑफ़ आरा” में स्वरा भास्कर, पंकज त्रिपाठी और संजय मिश्रा जैसे दिग्गज कलाकारों ने काम किया है। और जब ऐसे गुणी लोग किसी नए डायरेक्टर की कहानी और फिल्म पर अपना विश्वास जताएं तो ये एक तरह की गारंटी हो जाती है कि फिल्म शानदार होगी। ये कहानी है सड़कों पर घूम घूम के गाने वाली की, जो किरदार स्वरा भास्कर ने निभाया है। व्यक्तिगत तौर पर कहूँ तो मैं जब भी ट्रेन या बस पर गाने वाले ऐसे कलाकारों को देखता हूँ तो जिज्ञासा होती है कि इनके यहाँ तक आने की कहानी क्या होगी, ये अपनी कला को कैसे देखते होंगे। इस फिल्म से उम्मीद है कि मेरे इन सवालों के जवाब मिलेंगे या कम से कम एक स्पष्ट नजरिया मिलेगा।

चूँकि फिल्म के केंद्र में एक गायिका है तो इस फिल्म का संगीतमय होना स्वाभिक है और ये एक और वजह है कि मैं इसे देखना चाहता हूँ। बिहार के संगीत को अब तक हिंदी सिनेमा में उसका उचित स्थान नहीं मिला है और हमारे क्षेत्रीय फिल्मों में जैसे गाने होते हैं उसकी वजह से ये हालात और बदतर हुए हैं। ऐसे में एक संगीत आधारित फिल्म का आना बिहार के लिए एक अच्छी बात है। एक और बात जो मुझे इस फिल्म को देखने के लिए प्रेरित कर रही है वो है इसका मानवीय पहलु। बिहार से जुड़ी अधिकतर फ़िल्में क्राइम या राजनीति की बात करती है लेकिन “अनारकली ऑफ़ आरा” में मानवी संवेदनाओं के लिए जगह मालूम होती है जिस वजह से ये भरोसा है कि हम इस से ज़्यादा जुड़ाव महसूस करेंगे।

आखिरी बात मेरे साथ के अन्य दर्शकों के लिए है कि कृप्या कर के इस फिल्म को सिनेमाई पैमाने के अलावा किसी और पैमाने से तोलने की कोशिश नहीं कीजियेगा। इस पर दुनिया बदल डालने का बोझा नहीं लाद दीजियेगा। अगर आप चाहते हैं कि हमारे यहाँ की कहानियाँ बड़े परदे पर आये तो आपको फिल्मकारों को आज़ादी देनी होगी, उन्हें समझने की कोशिश करनी होगी। तो ऐसी ही उम्मीद के साथ आइये इंतज़ार करते हैं 24 मार्च का। अनारकली ऑफ़ आरा इज़ कमिंग।

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Quote of the day:"जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की."
-अल्बर्ट आइंस्टीन

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