बिंदेश्वरी प्रसाद सिन्हा, जिन्होंने अपनी लेखनी से दी बिहार को नई पहचान।

बिहार के लेखकों के बारे में जब भी चर्चा होती है तो हमें सिर्फ कुछ गिने चुने नाम ही याद आते हैं, जैसे – आचार्य शिवपूजन सहाय, दिवाकर प्रसाद विद्यार्थी, रामधारी सिंह ‘दिनकर’, राम बक्षी बेनीपुरी, फणीश्वर नाथ ‘ रेणु’, गोपाल सिंह “नेपाली”, रमेश चंद्र और भी बहुत सारे है, सब के नाम गिनने बैठे […]

सहजानंद सरस्वती, किसान आंदोलन के महानायक

स्वामी सहजानंद सरस्वती, ये वो नाम हैं जिनके आगमन से किसानों की मुसीबतों पर ढाल की तरह खड़े थे हुआ था। इनका जन्म 22 फरवरी 1889 गाज़ीपुर में हुआ था। ये एक राष्ट्रवादी नेता और स्वतंत्रता सेनानी भी थे। अगर हम बात अंग्रेजों के खिलाफ आवाज़ उठाने की करें तो किसान आंदोलन के जनक और महानायक […]

“जबरिया जोड़ी दहेज की दिक्कत से लड़ती फिल्म है” : फिल्म के लेखक संजीव झा से खास बातचीत

बिहार के लोग देश-विदेश में अपनी मेहनत की बदौलत सफलता का परचम लहराते रहे हैं। चाहे वह सिनेमा हो, साहित्य, राजनीति या अन्य कोई भी क्षेत्र हो, बिहारी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने को हमेशा तत्पर रहते हैं। बॉलीवुड की बात करें तो पंकज त्रिपाठी, मनोज बाजपेई, संजय मिश्रा जैसे सदाबहार अभिनेताओं के साथ साथ बिहार […]

मैं कहीं भी रहूं, मेरी जड़े बिहार में ही हैं – अनु सिंह चौधरी

अमेजन पर कोई किताब ढूंढते ढूंढते एक किताब पर नजर पड़ी “नीला स्कार्फ”। जिज्ञासा जागी की एक स्कार्फ पर पूरी किताब में क्या लिखा होगा किसी ने। लेखिका का नाम था “अनु सिंह चौधरी”। किताब आर्डर कर दी,पढने पर बिहार की खुशबू थी किताब में। मुझसे रहा नही गया, तुरंत नाम गूगल किया, जानकारी तो […]

हम सब के रेणु

– गिरीन्द्र नाथ झा रेणु अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन खेत में जब भी फ़सल की हरियाली देखता हूं तो लगता है कि रेणु हैं, हर खेत के मोड़ पे। उन्हें हम सब आँचलिक कथाकार कहते हैं लेकिन सच यह है कि वे उस फ़सल की तरह बिखरे हैं जिसमें गाँव-शहर सबकुछ समाया हुआ […]