दुनिया भर तुम! | एक कविता बिहार से

हिमांशु का ताल्लुक बिहार के हाजीपुर से है। अपनी स्कूली शिक्षा हाजीपुर और पटना से करने के बाद इनका रुख दिल्ली की तरफ हुआ जहाँ वे अभी दिल्ली यूनिवर्सिटी से English Hons में स्नातक के आखिरी वर्ष में हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि बिहार से साहित्य का नाता बड़ा ही पुराना रहा […]

आओ रानी हम ढोयेंगे पालकी| एक कविता बिहार से

“एक कविता बिहार से” में आज आप पढ़ेंगे हिंदी काव्यजगत के उन चंद कवियों में शुमार कवि को जिनकी पहुँच आम ग्रामीण नागरिक से लेकर धनिक शहरी वर्ग तक रही है| इनके विषयों में इतनी विविधता और व्यापकता है कि हमसब कहीं-न-कहीं इनसे जुड़ाव महसूस करते हैं| हिंदी के अलावा ये बांग्ला, संस्कृत और मैथिलि […]

पहचान | एक कविता बिहार से

“एक कविता बिहार से” में आज आप पढ़ेंगे नए युग के कलमकार को| युवा कवयित्री “अनुप्रिया” जी, सुपौल, बिहार से संबंध रखती हैं| आकाशवाणी पर कविता-पाठ करने के साथ-साथ कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं| 1982 में जन्मी इस कवयित्री की लेखनी को समझने में इनकी लिखी “सूरज” शीर्षक की ये छोटी-सी कविता अहम् […]

मुस्कुराती रही कामना | एक कविता बिहार से

बिहार के बेतिया (प.चम्पारण) जिले में 11 अगस्त 1911 को जन्में तात्कालिक कवियों/गीतकारों के बीच मशहूर गोपाल सिंह ‘नेपाली’ जी बिहार के उन चंद कवियों में हैं जिनकी संजीदगी से बॉलीवुड भी अछूता न रहा| इनकी लिखी कवितायेँ हमारी पीढ़ी ने पाठ्य-पुस्तक में जरुर पढ़े हैं, पर ये जानना और भी सुखद है कि इनके […]