दुनिया भर के रचनाकारों को अपनी जिम्मेदारी का बोध कराती एक कविता बिहार से

ऐश्वर्य राज का ताल्लुक़ बिहार के भागलपुर शहर से है। शुरूआती पढ़ाई बिहार से करने के बाद, ऐश्वर्य दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से दर्शनशास्त्र में स्नातक कर रहीं हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर कई वाद-विवाद प्रत...
एक कविता बिहार से

एक कविता बिहार से: पटना की युवा कवियत्री पूजा कौशिक की कविता, ‘आइना’

एक कविता बिहार से में आज हम आपके सामने ले कर आये हैं पटना की एक नवोदित युवा कवियत्री पूजा कौशिक की कविता। पटना के युवाओं के बीच पूजा एक लेखिका और वक्ता के तौर पर अपनी एक पहचान बना चुकी हैं। इनकी कविताओं की बात ...
अनु सिंह चौधरी

मैं कहीं भी रहूं, मेरी जड़े बिहार में ही हैं – अनु सिंह चौधरी

अमेजन पर कोई किताब ढूंढते ढूंढते एक किताब पर नजर पड़ी “नीला स्कार्फ”। जिज्ञासा जागी की एक स्कार्फ पर पूरी किताब में क्या लिखा होगा किसी ने। लेखिका का नाम था “अनु सिंह चौधरी”। किताब आर्डर कर दी,पढने पर बिहार की ख...
sanjh

पटना के युवा कार्टूनिस्ट गौरव की दूसरी शार्ट फिल्म साँझ

आजकल की आपाधापी में एक पूरी फिल्म देखने का वक़्त हर किसी के पास नहीं होता। ऐसे में कही अनकही बातों को कम समय में आपके मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर उभारने का काम करती हैं शार्ट फ़िल्में। ये फ़िल्में मिनटों में कई...
गाँव की लड़कियाँ

गाँव की लड़कियाँ | एक कविता बिहार से

संजय कुमार शांडिल्य की कविता संग्रह ‘आवाज भी देह है’ को बोधि प्रकाशन ने प्रकाशित किया तथा उन्हें जयपुर में दीपक अरोड़ा स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।  संजय औरंगाबाद  दाउदनगर महाविद्यालय से सेवारत अध्यापक एस...

मनवा में बसल ई बिहार कहाँ जाई | एक कविता बिहार से

महीने की आख़िरी कविता तक का सफ़र तय कर चुके हैं हम और नियम के अनुसार आज की कविता नेहा नूपुर की तरफ से होगी| पटनाबीट्स के एक कविता बिहार से में इनकी पुस्तक ‘जीवन के नूपुर’ से एक भोजपुरी कविता आज आपके सामने प्रस्तु...
मुझे मेरी यादों ने सींचा है

मुझे मेरी यादों ने सींचा है | एक कविता बिहार से

राजू महतो जी दिल्ली में एक मोशन ग्राफ़िक डिज़ाइनर हैं| बिहार के नवादा में घर है और घर से दूर रहते हुए अक्सर घर और आस-पास के माहौल को याद करते हैं| छोटी-छोटी बातें जब दिल को छूने लगती हैं तो इंसान कलमकार हो ही जात...
रामधारी सिंह दिनकर

कविता भक्ति की लिखूँ या श्रृंगार की | एक कविता बिहार से

भारत के राष्ट्रकवि होने का दर्ज़ा जिन्हें प्राप्त है, अर्थात् श्री रामधारी सिंह दिनकर जी का जन्मदिन 23 सितम्बर को है| 1908 ई० में जन्में श्री दिनकर को याद करते हुए पटनाबीट्स की एक कविता बिहार से में आज शामिल हो ...
दुनिया ऐसी हुआ करती थी , एक कविता बिहार से

दुनिया ऐसी हुआ करती थी | एक कविता बिहार से

“ओ माँ! ये दुनिया तेरे आँचल से छोटी है|”   ये पंक्तियाँ हैं नीलोत्पल मृणाल जी की, जिनकी पहचान एक उपन्यासकार के रूप में स्थापित हो रही है| अप्रेल 2015 में प्रकाशित इनकी पहली ही पुस्तक ‘डार्क हॉर्स’ के...
बचपन , एक कविता बिहार से

बचपन के दिन भले थे कितने | एक कविता बिहार से

रविन्द्र प्रसाद जी ने पटनाबीट्स से अपनी एक कविता साझा की है| कविता का शीर्षक हम सबको प्रिय है| इंसान कितना भी आगे निकल जाये एक जो चीज़ हमेशा उसे अपनी ओर खींचती है वो है ‘बचपन’| ये शायद ऐसी उम्र है जो जीवन भर साथ...
हमारा देश

यह जीवन क्या है? निर्झर है | एक कविता बिहार से

यह जीवन क्या है? निर्झर है, मस्ती ही इसका पानी है सुख-दुःख के दोनों तीरों से चल रहा राह मनमानी है| हर छोटे-बड़े मौके पर ‘जीवन’ का चित्र स्पष्ट दर्शाने हेतु इस्तेमाल की जानी वाली ये पंक्तियाँ क्या आपकी नज़र से भ...
एक कविता बिहार से

जब नाश मनुज पर छाता है | एक कविता बिहार से !

नमस्कार! दुआ-सलाम! बिहार से जुड़ी ख़बरों-लेखों का यह संयुक्त पोर्टल आपको उन महारथियों से भी मिलवाता रहा है जो बिहार के ‘बिहार’ होने में खास जगह रखते हैं| बिहार के सकारात्मक परिदृश्य को आपके समक्ष सफलता से प्रस्त...