शुद्ध भावनाओं के साथ प्रार्थना, शांति, अहिंसा, और सद्भाव का प्रतीक है बुद्ध पूर्णिमा

“अगर आप किसी के लिए दीपक जलाएंगे तो वो आपका भी रास्ता रोशन करेगा,” गौतम बुद्ध द्वारा कथित यह उपदेश आज भी प्रासंगिक है।करुणा और अहिंसा की प्रतिमूर्ति, जिन्होंने अपनी शिक्षा व उपदेशों से पूरे विश्व को शांति का संदेश देकर मनुष्य के कल्याण का मार्ग दिखाया, आज उनका जन्मदिन, बुद्ध पूर्णिमा है। हर साल […]

बिंदेश्वरी प्रसाद सिन्हा, जिन्होंने अपनी लेखनी से दी बिहार को नई पहचान।

बिहार के लेखकों के बारे में जब भी चर्चा होती है तो हमें सिर्फ कुछ गिने चुने नाम ही याद आते हैं, जैसे – आचार्य शिवपूजन सहाय, दिवाकर प्रसाद विद्यार्थी, रामधारी सिंह ‘दिनकर’, राम बक्षी बेनीपुरी, फणीश्वर नाथ ‘ रेणु’, गोपाल सिंह “नेपाली”, रमेश चंद्र और भी बहुत सारे है, सब के नाम गिनने बैठे […]

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, बिहार में कब हुआ आरंभ?

आज हम बिहार के मीडिया की बात करेंगे। हां ये बात और है कि मीडिया का नाम सुनते ही सुशांत सिंह राजपूत, ड्रग्स, कंगना और दिलजीत दोसांझ के ट्वीट फाइट ज़रूर याद आएंगे।  इन सब चीज़ों के बारे में तो आए दिन हम सब सुनते हि रहते हैं पर अब कुछ ऐसी चीज़ों पे नज़र डालते हैं जो जरूरी तो है लेकिन कुछ ही लोग इसे जानने कि चाह रखते हैं। बिहार में […]