सौहार्द (मित्रता) का परिचय देते पटना के मंदिर और मस्जिद

पूरे देश में मस्जिद में बज रहे लाउडस्पीकरों को लेकर हंगामा है। कई राजनीतिक दल इस मुद्दे पर भरपूर राजनीति कर रहे हैं। तो कई दल इस मुद्दे से अपना जान बचाते दिख रहे हैं। और खबरिया चैनलों का तो दुकान ही हिन्दू- मुस्लिम का जाप करने से चलता है। ऐसे समय में जब पूरा […]

जोगिरा, सारा रा रा…..से डीजे वाले बाबू तक का सफर

उत्तर भारत के कई राज्यों में वसंत पंचमी के बाद से ही होली के गीत गाए जाने लगते हैं और यह सिलसिला होली तक जारी रहता है. इन गीतों को कई लोग फाग भी कहते हैं और कई लोग फगुआ. होली को रंगों के त्योहार के रूप में जाना जाता है। यह भारत में सबसे […]

बिहार के एतिहासिक पन्नों में दर्ज है, पंचकोसी परिक्रमा का महत्व।

हमारे देश की कला और संस्कृति की चर्चा तो विश्व के हर कोने में होती है , सांस्कृतिक विचारधाराओं में रंगा हमारा देश अपने आप में ही मिशाल कायम करता है। इनमें से एक है अगहन के महीने में बक्सर में हर साल आयोजित होने वाला पंचकोसी परिक्रमा मेला जो अपने आप में अनूठा मेला […]

लौंडानाच से बनाई पहचान, बिहार की मिट्टी से राष्ट्रपति भवन का सफर – रामचन्द्र मांझी

 कौन हैं कलाकार रामचन्द्र मांझी? बिहार के शेक्सपीयर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर के शिष्य हैं रामचंद्र मांझी जिन्हे बिहार सरकार ने लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से पुरस्कृत किया है और इस साल उन्हे पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है । रामचंद्र मांझी का जन्म 1925 में बिहार के छपरा जिले में हुए […]

CHOWTAL: The lost tune once sang to herald Holi deserves a revival

” पपीहा बन बैन सुनावे नींद नहीं आवे।।  आधीरात भई जब सखिया कामबिरह संतावे।।  पियबिन चैन मनहि नहीं आवत,  सखि जोबन जोर जानवे ।।१।।  फागुन मस्त महीना सजनी पियबिन मोहिं न भावे । पवन झकोरत लुह जनु लागत, गोरी बैठी तहां पछितावे ।।२।।  सब सखि मिलकर फाग रचत है। ढोल मृदंग बजावे।। हाथ अबीर कनक […]

जानिए विदेश में रहने वाले बिहारी कैसे मनाते हैं छठ पूजा

भगवान सूर्य की उपासना का महापर्व ,छठ , अब बस आने ही वाला है. सालभर बिहारियों को इस चार दिवसीय त्यौहार की कुछ उसी बेसब्री से प्रतीक्षा रहती है, जैसे स्कुल के पहले दिन बच्चे को अपनी माँ के आने  प्रतीक्षा रहती है. आखिर हो भी क्यों ना , जो ख़ुशी बच्चे को अपनी माँ से […]