CHOWTAL: The lost tune once sang to herald Holi deserves a revival

” पपीहा बन बैन सुनावे नींद नहीं आवे।।  आधीरात भई जब सखिया कामबिरह संतावे।।  पियबिन चैन मनहि नहीं आवत,  सखि जोबन जोर जानवे ।।१।।  फागुन मस्त महीना सजनी पियबिन मोहिं न भावे । पवन झकोरत लुह जनु लागत, गोरी बैठी तहां पछितावे ।।२।।  सब सखि मिलकर फाग रचत है। ढोल मृदंग बजावे।। हाथ अबीर कनक […]

जानिए विदेश में रहने वाले बिहारी कैसे मनाते हैं छठ पूजा

भगवान सूर्य की उपासना का महापर्व ,छठ , अब बस आने ही वाला है. सालभर बिहारियों को इस चार दिवसीय त्यौहार की कुछ उसी बेसब्री से प्रतीक्षा रहती है, जैसे स्कुल के पहले दिन बच्चे को अपनी माँ के आने  प्रतीक्षा रहती है. आखिर हो भी क्यों ना , जो ख़ुशी बच्चे को अपनी माँ से […]