Art Archives - PatnaBeats

नारी शक्ति और कला की जरों को सींचता पोथी पत्री फाउंडेशन

Pothi patri foundation का काम महिलाओं के हाइजीन , प्राइमरी एजुकेशन ऑफ आर्ट को लेकर काम करना है, शहरों में भी आपको अपने आस-पास ऐसे कई घर देखने को मिल जाएंगे, जहां महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पूजा करने और रसोई में जाने की अनुमति नहीं होती है। जिस सोच को आप सिर्फ रूढ़िवादी मान […]

वाहवाही बटोरने वाले पटना चौराहों की मधुबनी पेंटिंग्स धूमिल होते जा रहे हैं

कहते हैं अगर इश्वर किसी पर मेहरबान होता है तभी वह किसी कला से किसी इंसान को नवाज़ता है। इसलिए हमारे देश में पौराणिक काल से हि कला और कलाकार का एक खास और बहुत अहम स्थान होता है। हम बिहारियों के लिए यह बहुत फक्र और खुशनसीबी की बात है कि यहां के लोग […]

‘भोजपुरी कला मूल रूप से पिंड कला है, जो कई बिंदु से मिलकर बनाई जाती है’

“भारत में संगीत की उत्पत्ति विद्यांचल में और कला की उत्पत्ति भोजपुर में हुई है,” निलय उपाध्याय ने पटनाबीट्स से भोजपुरी कला के ऊपर बातचीत में बताया। निलय उपाध्याय, एक लेखक है और इन्होंने ने अब तक 40 से ज्यादा किताबें लिखी है। उन्होंने बताया कि “भोजपुरी कला लोगों के जीवन में सदियों पहले से […]

बिहार की परम्परा से जुड़ी नायाब कलाओं में से एक : सिक्की कला

  बिहार में अनेक कला और अनेक ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है। कई कलाएं ऐसी हैं जिनकी शुरुआत बिहार से ही हुई और पहले की तरह इसे आज भी लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। ऐसी ही एक बहुत पुरानी कला है सिक्की कला जिसकी शुरुआत बिहार से ही हुई थी और फिर कहीं […]

CHOWTAL: The lost tune once sang to herald Holi deserves a revival

” पपीहा बन बैन सुनावे नींद नहीं आवे।।  आधीरात भई जब सखिया कामबिरह संतावे।।  पियबिन चैन मनहि नहीं आवत,  सखि जोबन जोर जानवे ।।१।।  फागुन मस्त महीना सजनी पियबिन मोहिं न भावे । पवन झकोरत लुह जनु लागत, गोरी बैठी तहां पछितावे ।।२।।  सब सखि मिलकर फाग रचत है। ढोल मृदंग बजावे।। हाथ अबीर कनक […]