हर बार पहली बार सा है

हर बार पहली बार सा है | एक कविता बिहार से

“दुआएँ जीत जाती हैं उसकी, मेरा ग़म हर बार हार जाता है, वो एक शक्स उदासियों को इस कदर तार-तार करता है|” ‘एक कविता बिहार से’ को आज एक महीने हो गये, मतलब बिहार के कोने-कोने से, नई-पुरानी 15 कवितायें, 15 कड़ियों ...