पुरबी के जनक कवि महेंदर मिसिर के गीतों को गाते हुए

आज महेंदर मिसिर की पुण्यतिथि है. किसी रचनाकार, कलाकार, सर्जक को याद करने के लिए उसके जयंती से ज्यादा महत्वपूर्ण  पुण्यतिथि है,क्योंकि जिस दिन वह दुनिया से विदा होता है तो अपने दम पर एक थांति छोड़ जाता है| जन्म—जन्मांतर तक बनी रहती है वह थांति. पुरबी इलाके के अदभुत और अपने तरीके के अनोखे […]