Patna, पटना

इंग्लिश मार्केट पटना का पहला सुपर बाजार था

आज यह कल्पना करना भी अजीब लगेगा कि पिछली सदी के दूसरे-तीसरे और चौथे दशकों में पटना का एक ही इंग्लिश मार्केट एक बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करता रहा था. बंगाली चित्रकार सीताराम की 1814 में बनाई पटना सिटी चौक...
Cashless economy in Bihar, Patna

क्या आपके शहर का मिजाज़ भी इस शहर जैसा ही है?

अलग मिजाज़ है इस शहर का। ठण्ड कड़ाके की पड़ती है, लेकिन लोगों के अपनेपन की गर्माहट हमें ज़िंदा रखती है। सुबह उठते ही फ़र्श पर पैर रखने से पहले, खिड़की से झाँक कर मौसम का हाल चाल ले लेते हैं। ठण्ड कितनी भी हो, गर्माहट...

पटना के वो दिन-यादों की कलम से।

सात साल हो गए हैं घर को छोड़े हुए। छोड़ने की वजह – पढाई ,नौकरी ,ट्रेनिंग इत्यादि । इन्ही चक्करों में एक शहर से दुसरे शहर भटकती रही हूँ। लगता है ज़िन्दगी का अच्छा ख़ासा हिस्सा बिता दिया है करियर बनाने की राह में ।...

तब बग्घी ही पटना के रईसों का वाहन था |

19 वीं सदी के मध्य में पटना शहर का विस्तार पश्चिम दरवाजा के पश्चिम में दूर तक हो चला था। नए शहर के वाशिंदे, जिनमें यूरोपियन और संपन्न स्थानीय निवासी थे, की निर्भरता अलग अलग जरूरतों के लिए पुराने शहर पर थी और ...

महागठबंधन की सभी 243 सीटों की घोषणा

  राजद 101 जदयू 101 कांग्रेस 41 जेडीयू की सीटें : बगहा, नौतन, चनपटिया, सिक्ता, कल्यानपुर, पिपरा, मधुबन, शिवहर, बाजपट्टी, बेलसंड, बाबूबढ़ी, फुलपरास, लौकहा, निर्मली, सुपौल, त्रिवेणीगंज, रानीगंज, जो...