जानिए अमेरिका की इस यूनिवर्सिटी के म्यूज़ियम में कैसे पहुंची बिहार से सूर्य की कलाकृति

यक़ीन नहीं हुआ कि येल यूनिवर्सिटी में बिहार की कलाकृति देखने को मिल जाएगी. रोमांच और जिज्ञासा दोनों ने घेर लिया. पढ़ें छठ पूजा पर रवीश कुमार का विशेष ब्लॉग. इतिहासकार रोहित डे मुझे येल यूनिवर्सिटी के ब्रिटिश आर्ट सेंटर ले गए. एक-एक कर हम सारी मूर्तियां देखते जा रहे थे तभी कोने में सजा […]

ये छठ जरूरी है | एक कविता बिहार से

कुमार रजत दैनिक जागरण पटना में डिप्टी चीफ सब एडिटर हैं। पत्रकार होने के साथ खूब कविताएं भी लिखते हैं। अपनी पत्रकारिता में ये पटना शहर के जड़ को ढूंढते रहते हैं। मसलन “हर घर कुछ कहता है” और इसी तरह कई रचनात्मक कार्य पत्रकारिता में कर रहे हैं। मूल रूप से डुमरांव के हैं, […]

गीत ही शास्त्र, गीत ही मंत्र | छठ पर्व

छठ मेरा सबसे प्रिय त्योहार है| बतौर कलाकार तो इसलिए भी कि यह इकलौता त्योहार है, जो गीत—संगीत प्रधान है| अगर आदिवासी समुदाय के पर्व त्योहारों को छोड़ दें, जिनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा गीत—संगीत होता है, तो दूसरे किसी त्योहार के बारे में, जिसमें गीत-संगीत इस तरह अनिवार्य तत्व की तरह शामिल अथवा […]

छूटे न अबकी छठ के बरतिया | एक कविता बिहार से

गोबर से, मिट्टी से, लीपा हुआ घर-दुआर नया धान, कूद फाँद, गुद-गुद टटका पुआर छठ मने ठेकुआ, सिंघारा-मखाना छठ मने शारदा सिन्हा जी का गाना बच्चों की रजाई में भूत की कहानी देर राह तक बतियाती माँ, मौसी, मामी व्रत नहीं, छठ मने हमरे लिए तो व्रत खोल पान खाके हँसती हुई नानी छठ मने […]