झंडा की बोलै छै | एक कविता बिहार से

15 अगस्त को कितने प्रेम से झंडे फहराए जाते हैं, संकल्प लिए जाते हैं| लेकिन उसके बाद क्या? क्या हम उस संकल्प को पूरा करने की कोशिश करते हैं? क्या समझते हैं कि झंडा क्या कहना चाहता है? आज की कविता ‘अंगिका’ में है, ‘नन्द किशोर शर्मा’ जी ने लिखी है| इनका जन्म 1 अप्रैल […]