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गया की समरीन सबा होंगी NASA में साइंटिस्ट

-Faisal Rahmani

गया जिले की समरीन सबा ने सच्ची लगन, दृढ़ निश्चय और कुछ कर गुजरने की चाहत से देश का नाम अमेरिका में रौशन किया है। समरीन पांच सप्ताह की कठिन ऑनलाइन परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक से पास हो कर अमेरिका के नासा स्कॉलर प्रोग्राम में चुनी गईं हैं। वह इस वर्ष नासा की इस परीक्षा को क्वालीफाई करने वाली भारत की एकमात्र छात्रा हैं। समरीन गया के न्यू करीमगंज निवासी साहित्यकार, पत्रकार एवं बिहार सरकार के उर्दू एडवाइजरी कमिटि के सदस्य डॉ. सैयद अहमद कादरी तथा डॉ. शहनाज परवीन की बेटी हैं। समरीन ने गया के क्रेन मेमोरियल हाई स्कूल से वर्ष 2000 में 10वीं फर्स्ट डिविजन से पास करने के बाद जिले के ही ज्ञानभारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 2003 में 12वीं पास की थी। इसी बीच समरीन का विवाह अमेरिका निवासी फराज होदा से हो गया। इसके बाद 2004 में वह अमेरिका चली गईं। वहां नागरिकता मिलने के बाद उन्होंने एक बार फिर अपनी पढ़ाई आरंभ की और अमेरिका के हॉस्टन स्थित कम्युनिटी इंजीनियरिंग कॉलेज में मेकैनिकल इन्जीनियरिंग में एडमिशन ले लिया। लास्ट ईयर में इंटर्नशिप के लिए शिक्षकों ने उन्हें नासा में अप्लाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसमें वह 5 हफ्तों की कठिन ऑनलाइन परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक लाकर कामयाब हुईं। इसके फलस्वरूप उनका चयन टेक्सॉस के हॉस्टन स्थित नासा के जॉन्सन स्पेस सेंटर के स्कॉलर प्रोग्राम में हो गया। इस चयन के बाद समरीन सबा नासा के इंजीनियरों एवं वैज्ञानिकों के साथ मार्स रोवर प्रोजेक्ट पर काम करेंगी। इसके लिए नासा की ओर से समरीन को टूर करने के लिए हवाईयात्रा, होटल तथा अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। समरीन को 22 से 25 मई तक नासा के वर्कशॉप में वहां के वैज्ञानिकों से स्पेस से सम्बधित विभिन बिन्दुओं पर विचार विमर्श के लिए भी आमंत्रित किया गया है। बचपन से ही पढ़ाई की ओर रुझान रखने वाली समरीन ने अमेरिका में अपने पति और तीन छोटे-छोटे बच्चों की देखभाल करते हुए यह कारनामा कर दिखाया है। अपने हौसलों की उड़ान के लिए पंख फैलाए समरीन नासा में साइंटिस्ट बन कर अपने माता-पिता के अलावा गया के साथ-साथ भारत का भी नाम रौशन करेंगी।

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