एक तरफ जय श्री राम तो दूसरी ओर जुमे की नमाज अदा हो रही थी!



पटना : रामनवमी के मौके पर बिहार समेत पूरे मुल्क़ में श्रद्धा और भक्ति का माहौल है। पूजा और जुलूस के दौरान कोई अनहोनी न हो इसके लिए पुलिस मुस्तैद है। इसी दौरान पटना में एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। एक तरफ जय श्री राम का घोष हो रहा था तो दूसरी ओर जुमे की नमाज अदा हो रही थी।
महावीर मंदिर में गुरुवार रात से ही भक्तों की भीड़ राम की पूजा करने के लिए जुटी है। वहीं, जुमा होने के चलते बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोग मंदिर के पास वाक़े जामा मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे। नमाज पढ़ने के बाद मुस्लिमों ने हिन्दुओं को रामनवमी की मुबारकबाद दी और गले मिले। इस दौरान लोगों ने कहा कि कुछ लोग हैं जो फ़िर्क़ावाराना माहौल खराब कर अपना हित साधने की कोशिश करते हैं। हमें इनसे अलर्ट रहने की जरूरत है।


पटना स्टेशन के पास कल माहौल कुछ अलग दिखा। एक तरफ जय श्रीराम का घोष हो रहा था तो दूसरी तरफ जुमा की नमाज पढ़ी जा रही थी। कहीं कोई कशीदगी या परेशानी नहीं था। सब खुशी खुशी अपने-अपने अराध्य को याद कर रहे थे।

पटना में हिन्दुओं की आस्था का सबसे बडा केंद्र महावीर मंदिर और ऐतिहासिक जामा मस्जिद हमारी गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनकर साथ खड़े रहे हैं। मंदिर में कोई आयोजन हो तो मस्जिद की इंतेजामिया कमिटी भक्तों का ख्याल रखती है और मस्जिद में कोई आयोजन हो तो नमाज़ियों की ख़िदमत में मंदिर की प्रबंध समिति हाज़िर हो जाती है। रामनवमी में लाखों श्रधालुओं की भीड़ के मद्देनज़र मस्जिद के ऐलान के बाद सैकड़ों मुस्लिम फुटपाथ दुकानदार एक रात पहले ही मंदिर के आसपास की अपनी तमाम दुकानें हटा लेते हैं और उत्साही मुस्लिम युवाओं के साथ रात से ही रामभक्तों की ख़िदमत में लग जाते हैं। भक्तों की कतार लगवाने से लेकर उन्हें शरबत पिलाने तक का काम। रामभक्तों की सुविधा के ख्याल से मस्जिद से ऐलान किया जाता है कि मस्जिद में उतने ही नमाजी आएं, जितने मस्ज़िद में अंट सकें – बाकी दूसरी मस्जिदों का रूख करें। मंदिर की घोषणा के अनुसार श्रद्धालु भी नमाज के दौरान न तो मस्जिद से आगे बढ़ते हैं और न उस दौरान जयकारे लगाते हैं।


कौन कहता है कि मज़हब जोड़ता नहीं, तोड़ता है – तोड़ने का काम तो सियासत का है !

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