ध्यान दें ! 23 दिसंबर से प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भरना पड़ेगा जुर्माना

बिहार के शहरी इलाकों में राज्य सरकार द्वारा 14 दिसंबर 2018 से प्लास्टिक एवं पॉलिथीन की थैलियों के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। 23 दिसंबर से प्लास्टिक के इस्तेमाल पर आपको जुर्माना भरना पड़ेगा। इस प्रतिबन्ध का घरेलु स्तर पर उल्लंघन करने पर 100 से 500 रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। सार्वजानिक जगहों जैसे पार्कों एवं बाज़ार में प्लास्टिक बैन का उल्लंघन करने पर 1000 से 5000 रूपये तक का दंड भरना पड़ सकता है। सम्बंधित विभाग ने प्रशासन को प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। हालांकि, डेयरी उत्पादों एवं कुछ अन्य चीज़ों के लिए 50 माइक्रोन से ज्यादा मोटाई वाले प्लास्टिक को राज्य सरकार ने प्रतिबन्ध से मुक्त रखा है। ग्रामीण इलाकों में भी 14 जनवरी, 2019 से प्लास्टिक बैन प्रभाव में आ जाएगा

सरकार के द्वारा लगाए गए इस प्रतिबन्ध का पर्यावरण पर दीर्घकालिक प्रभाव होगा एवं दिन-प्रतिदिन प्लास्टिक के बढ़ते बोझ से निजात मिलेगी। ऐसे में ज़ाहिर है रोज़ाना पॉलिथीन थैली का इस्तेमाल करने वालों को यह प्रतिबन्ध थोड़ा अखर सकता है मगर हमें यह समझना होगा कि प्लास्टिक बैन सरकार के द्वारा लगाया गया कोई कर या लगान नहीं बल्कि बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया ज़रूरी क़दम है।

प्लास्टिक के लगातार बढ़ते बोझ से हमें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्लास्टिक गलता नहीं एवं जल और ज़मीन की सतह पर इकठ्ठा होकर प्रदूषण बढ़ाता हैं। यही प्लास्टिक सूक्ष्म कणों में टूट कर मानव शरीर में, भूमिगत जल एवं अन्य चीज़ों के द्वारा प्रवेश कर जाता है एवं कई तरह की बीमारियों का कारण बनता है। शरीर में मौजूद यही प्लास्टिक के कण आगे चलकर कैंसर को भी आमंत्रित कर सकते हैं। समान रूप से ज़मीन के सतह पर इकठ्ठा हुए प्लास्टिक भी कणों में टूट कर मिट्टी में घुल जाते हैं और फसलों को नुक़सान पहुंचाते हैं। उसी फ़सल से उपजा अनाज हमारे घरों में आता है एवं हम अपने परिवार के साथ उसमें मौजूद ज़हरीले रसायन का सेवन करते हैं। ज़रा सोचिये कि यही ज़हरीले रसायन जब हमारे शरीर में प्रवेश करते होंगे तो किस प्रकार से हमारे शरीर के प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालते होंगे?

सिर्फ इतना ही नहीं, हमारे द्वारा फेंके जाने वाले प्लास्टिक की थैलियों के गले में अटक जाने के कारण कितने ही मवेशियों को अपनी जान गँवानी पड़ती है। नदियों एवं समंदर में जमा प्लास्टिक के ढेर की वजह से जल जीवों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मवेशियों की तरह ही विभिन्न तरह की मछलियां एवं अन्य जल-जीव प्लास्टिक को निगलने के प्रयास में अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। पढ़िए एवं सोचिये कि जब प्लास्टिक इतनी सारी समस्याओं की जड़ है तो क्यों न इससे निजात पाया जाए एवं इसके इस्तेमाल पर सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबन्ध का पूर्ण समर्थन किया जाए? इस मुहिम से जुड़ने के लिए हमें अपने आस-पड़ोस को प्लास्टिक मुक्त करना होगा और वो तभी होगा जब हम इसका इस्तेमाल
करने से परहेज़ करेंगे।

पटनाबीट्स की आपसे यह गुज़ारिश है कि आइये प्लास्टिक बैन जैसे सराहनीय कदम का अनुसरण करें एवं संकल्प लें बिहार को एक प्लास्टिक एवं प्रदूषण मुक्त राज्य बनाने का।

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Quote of the day:“Very little is needed to make a happy life; it is all within yourself, in your way of thinking. ” 
―Marcus Aurelius

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