समानता

‘एक कविता बिहार से’ में आज प्रस्तुत है एक गृहणी की कविता

कविताओं को लिखना और पढ़ना अपने-आप में एक कला है। आज बिहार से नए दौर में अनेक तरह के कविता लेखन को देखा जा रहा है। वही गृहणियों में भी कविताओं और कहानियों का शौक कम नहीं हुआ है , इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस शौक को पूरा करने में आज के समय की ‘ हाउसवाइफ ‘ पीछे नहीं है। ‘एक कविता बिहार से’ में आज प्रस्तुत है एक गृहणी की कविता।

श्वेता सिन्हा मूल रुप से पूर्वी चम्पारण बिहार की निवासी है।इतिहास और हिंदी विषय में स्नातकोत्तर करके एक साधारण गृहणी होकर भी अपने लिखने के शौक को जीवित रखा है ।श्वेता जी अपने ब्लॉग के जरीये एक सक्रिय ब्लॉगर के रुप में कुछ ब्लॉग समूहों से भी जुड़ी हुई है।कविताएँ और कहानियों के अलावा साहित्य की हर विधा में लिखती आ रही है । दैनिक समाचार पत्र और ई-पत्रिकाओं में भी नियमित इनकी रचनाएँ प्रकाशित होती हैं।

प्रस्तुत कविता में इस समय में स्त्री को दी गयी समानता को श्वेता सिन्हा ने परिभाषित किया है। उनकी कविता में पूर्व समय से चली आ रही समाज में औरत की मनोदशा पर एक कटाक्ष किया है। कविता के रूप में श्वेता सिन्हा ने कईं बातों पर विचार करने पर मजबूर किया है। ‘एक कविता बिहार से’ में आज पढ़ते है श्वेता सिन्हा की कविता ‘ समानता ‘.

[divider]Also Read : देसीपन की मिठास लिए ‘एक कविता बिहार से’ में चेतन कश्यप की भोजपुरी कविता[/divider]

 समानता

‘समानता’

देह की 
परिधियों तक
सीमित कर
स्त्री की 
परिभाषा
है नारेबाजी 
समानता की।
दस हो या पचास
कोख का सृजन
उसी रजस्वला काल 
से संभव
तुम पवित्र हो 
जन्म लेकर
जन्मदात्री
अपवित्र कैसे?
रुढ़ियों को 
मान देकर
अपमान मातृत्व का
मान्यता की आड़ में
अहं तुष्टि या
सृष्टि के
शुचि कृति का
तमगा पुरुषत्व को
देव दृष्टि 
सृष्टि के 
समस्त जीव पर 
समान,
फिर…
स्त्री पुरुष में भेद?
देवत्व को 
परिभाषित करते 
प्रतिनिधियो; 
देवता का
सही अर्थ क्या?
देह के बंदीगृह से
स्वतंत्र होने को
छटपटाती आत्मा
स्त्री-पुरुष के भेद
मिटाकर ही
पा सकेगी
ब्रह्म और जीव
की सही परिभाषा।

Do you like the article? Or have an interesting story to share? Please write to us at [email protected], or connect with us on Facebook, Instagram and Twitter and subscribe us on Youtube.


Quote of the day:“Reading Is To The Mind, As Exercise Is To The Body.” – Brian Tracy

Also Watch :

Don’t Want to miss anything from us

Get Weekly updates on the latest Beats from
Bihar right in your mail.

BEAT BY

Puja Kaushik

Aspiring Writer by passion. I express my life experience along with my observation of the world.