हिन्दी की लड़कियां | रवीश कुमार द्वारा लिखित सीरीज़ की पहली लड़की बिहार से

रवीश कुमार द्वारा लिखित- बहुत दिनों से मेरे दिमाग़ में एक बात कौंध जाती है. हिन्दी की लड़कियां. लड़कियां हिन्दी या अंग्रेज़ी की नहीं होती हैं. पर जो लड़कियां मेरे दिमाग़ में हैं, मैं उन्हें हिन्दी की ही कहना चाहता हूं. इस पर फिर कभी विस्तार से लिखूंगा. हिन्दी की लड़कियां इसी समय में हिन्दी […]

क्या बिहार सिर्फ नायक प्रधान देस है ?

बिहार में विशेषज्ञ कदम-कदम पर मिलेंगे, राजनीतिक विश्लेषक तो हर चौक—चौराहे पर. जो नामचीन विशेषज्ञ हैं वे तो हर विषय पर हरवक्त बोलने को तैयार बैठे रहते हैं. कई नामचीन विशेषज्ञों से जानने की कोशिश कई बार की कि आखिर बिहार में सामंती तो सामंती, प्रगतिशील भी अहम जड़ताओं को क्यों नहीं तोड़ पाये? बिहार […]

चंद्रशेखर तुम होते तो हम साथ-साथ उम्र जी लेते | एक कविता बिहार से

डर लगता है जब कोई दिवार लांघने की कोशिश करता है| डर लगता है जब कोई सच कहने की कोशिश करता है| डर लगता है जब किसी के विचार एक बाहुबली से टकराते हैं| डर लगता है जब कोई चंदू बनने की राह पर होता है| कन्हैया और रोहित से पहले एक नाम चंदू का […]