छठ पर्व

गीत ही शास्त्र, गीत ही मंत्र | छठ पर्व

छठ मेरा सबसे प्रिय त्योहार है| बतौर कलाकार तो इसलिए भी कि यह इकलौता त्योहार है, जो गीत—संगीत प्रधान है| अगर आदिवासी समुदाय के पर्व त्योहारों को छोड़ दें, जिनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा गीत—संगीत होता है, तो द...
दिवाली

अइले दिवाली लै के जोतिया के धार | एक कविता बिहार से

  दिवाली आ गयी है| पटाखे और खिलौने ख़रीदे जा रहे हैं| लक्ष्मी-गणेश पूजन की तैयारियाँ चल रही हैं| समाज में भिन्न-भिन्न तबके के लोग हैं| कुछ लोग इस दिन जुआ खेलने का आनंद लेते हैं वहीं इसी समाज में कुछ...
दुर्गा पूजा

हे अम्बिके, सुनु प्रार्थना, जगदम्बिके, सुनु प्रार्थना | एक कविता बिहार से

दुर्गा पूजा के शुभ मौके पर माँ दुर्गा की प्रार्थना में एक कविता प्रस्तुत है| कविता की भाषा मैथिलि है तथा कवि हैं पंडित श्री भोला झा ‘विमल’ जी| ‘विमल’ जी बिहार के मधुबनी जिला के चिकना नामक ग्राम से हैं| संस्कृत ...
ईद-उल-जुहा

आस्था, बलिदान और त्याग का महापर्व है ईद-उल-जुहा

-एम जे वारसी जानवर की कुर्बानी तो सिर्फ एक प्रतीक भर है. दरअसल, इस्लाम धर्म जिंदगी के हर क्षेत्र में कुर्बानी मांगता है. इसमें धन व जीवन की कुर्बानी, नरम बिस्तर छोड़कर कड़कती ठंड या भीषण गर्मी में बेसहारा लोगो...
तीज

जानिये कुछ बातें तीज के बारे में।

४ सितम्बर को बिहार में तीज मनायी जाएगी। इसे हरितालिका तीज भी कहते हैं। छतीसगढ़ में इसे तीजा कहते हैं और नेपाली तथा हिंदी में तीज। देश के कुछ हिस्सों में कजली तीज और हरयाली तीज भी मनाई जाती है. नाम चाहे जो भी हो ...
भाई-बहन

मैं भाई फूलों में भूला, मेरी बहन विनोद बनी | एक कविता बिहार से

रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ पेश है ‘एक कविता बिहार से’| 1911 में जन्में कवि गोपाल सिंह नेपाली जी बिहार के बेतिया जिले के निवासी थे| इनके गीत फ़िल्मी गानों में भी प्रयोग हुए हैं| ‘एक कविता बिहार से’...
ईद की पहली बधाई

ईद की पहली बधाई | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स अपने सभी पाठकों को ईद की मुबारकबाद देता है, आलम खुर्शीद साहब के शब्दों में- “नफरतों के गुबार धुल जाएँ, उल्फतों के गुलाब खिल जाएँ ईद इसबार इस तरह आए, दिल के तारों से तार मिल जाएँ|” “एक कवित...