जानिए ईद की रस्में और ईद पर बनने वाले लज्जतदार पकवानों के बारे मे

भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है। लेकिन इस त्योहारों के देश को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाती है यहां की धर्मनिरपेक्षता। यहां हर धर्म, हर मजहब के लोग एक- दूसरे के त्योहार को उतनी ही खुशी और धूमधाम से मनाते हैं जितना वह अपने त्योहार को मनाते हैं। हां, आए दिन आपको जगह- […]

छठ के गीतों में बिहार कोकिला की आवाज़ और उनमें मिट्टी की महक ने सबके दिलों पे किया राज

ऐसा कोई भी साल अधूरा नही गया होगा जब छठ महापर्व में सारदा सिन्हा के गीतों से भक्त और श्रद्धालुओं में एक अलग ही उमंग देखने को न मिला हो, सारदा सिन्हा के गाने न केवल स्वरों का संगम है बलकि उनमें छिपे है हमारी संस्कृति हमारी विचारधाराओं का संगम और सबसे खास हमारा इमोशन। […]

5 अप्रैल 2022 से शुरू हो रहा है बिहार का महापर्व चैती छठ !

बिहार के चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार यह पर्व चैत्र महीने और कार्तिक महीने में मनाया जाता है। आपको बता दें कि चैत्र की नवरात्रि में चैती छठ पर्व का शुरुआत होता है। चैती छठ 5 अप्रैल […]

जोगिरा, सारा रा रा…..से डीजे वाले बाबू तक का सफर

उत्तर भारत के कई राज्यों में वसंत पंचमी के बाद से ही होली के गीत गाए जाने लगते हैं और यह सिलसिला होली तक जारी रहता है. इन गीतों को कई लोग फाग भी कहते हैं और कई लोग फगुआ. होली को रंगों के त्योहार के रूप में जाना जाता है। यह भारत में सबसे […]

मधुश्रावणी उत्सव – मिथिला संस्कृति की शान

भारतीय संस्कृति में त्यौहारों और उत्सवों का आदि काल से ही काफी महत्व रहा है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां पर मनाए जानेवाले सभी त्यौहार समाज में मानवीय गुणों को स्थापित करके लोगों में प्रेम और एकता को बढ़ाते हैं, हमारा बिहार राज्य भी अनेकों त्योहारों को बड़े ही शानो शौकत […]

पति की दीर्घायु के लिए सुहागिनें रखती हैं हरितालिका तीज का व्रत

∆ हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाते हैं। इसे बड़ी तीज भी कहा जाता है।यह कजरी और हरियाली तीज के बाद आती है. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भगवान शंकर और माता पार्वती की कृपा से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता […]

बिहार के एतिहासिक पन्नों में दर्ज है, पंचकोसी परिक्रमा का महत्व।

हमारे देश की कला और संस्कृति की चर्चा तो विश्व के हर कोने में होती है , सांस्कृतिक विचारधाराओं में रंगा हमारा देश अपने आप में ही मिशाल कायम करता है। इनमें से एक है अगहन के महीने में बक्सर में हर साल आयोजित होने वाला पंचकोसी परिक्रमा मेला जो अपने आप में अनूठा मेला […]