बौआ देवी

सफ़र फ्रांस से जापान, बौआ देवी से मिली मधुबनी को पहचान

  बिहार मतलब एक ऐसा राज्य जो की अपनी कला और शिल्प से समृद्ध है, जो इस तथ्य से काफी स्पष्ट है कि यह भारत के कई सारे पहले चित्रों का घर है। जिसमें प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग का नाम सबसे पहले आता है।  बिहार के जि...
बिहार की सर्दी

बिहार में सर्दी कि हवा कभी नरम, कभी गर्म, कभी बढ़ता तो कभी घटता!

ठंड के मौसम ने बिहार में दी दस्तक। नवंबर से बिहार में ठंड शुरू हो गई और मार्च तक बिहारवासी इस मौसम का मज़ा लेंगे। सर्दी के मौसम में जो सबसे आम चीज़ बिहार में देखने को मिलती है वो है अंगीठी के आस पास लगा लोगो...
सिक्की कला

बिहार की परम्परा से जुड़ी नायाब कलाओं में से एक : सिक्की कला

  बिहार में अनेक कला और अनेक ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है। कई कलाएं ऐसी हैं जिनकी शुरुआत बिहार से ही हुई और पहले की तरह इसे आज भी लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। ऐसी ही एक बहुत पुरानी कला है सिक्क...
नए साल का आगमन

हर बार से कैसे अलग है इस बार के कोरोना काल में नए साल का आगमन?

  बिहार में इलेक्शन का टेंशन और कोरोना की बातें, दोनों ही कर - कर के लोग भी आज की तारीख़ में थक चुके हैं, नया साल आ रहा है तो थोड़ी अच्छी बातें कर लेते हैं। अब चाहे कोरोना वैक्सीन हो या किसान बिल पर...
Bindeshwari Prasad Sinha

बिंदेश्वरी प्रसाद सिन्हा, जिन्होंने अपनी लेखनी से दी बिहार को नई पहचान।

बिहार के लेखकों के बारे में जब भी चर्चा होती है तो हमें सिर्फ कुछ गिने चुने नाम ही याद आते हैं, जैसे - आचार्य शिवपूजन सहाय, दिवाकर प्रसाद विद्यार्थी, रामधारी सिंह 'दिनकर’, राम बक्षी बेनीपुरी, फणीश्वर नाथ ' ...