रामधारी सिंह दिनकर

कविता भक्ति की लिखूँ या श्रृंगार की | एक कविता बिहार से

भारत के राष्ट्रकवि होने का दर्ज़ा जिन्हें प्राप्त है, अर्थात् श्री रामधारी सिंह दिनकर जी का जन्मदिन 23 सितम्बर को है| 1908 ई० में जन्में श्री दिनकर को याद करते हुए पटनाबीट्स की एक कविता बिहार से में आज शामिल हो ...
चंदू , चंद्रशेखर, Chandu, Chandrashkekhar JNu

चंद्रशेखर तुम होते तो हम साथ-साथ उम्र जी लेते | एक कविता बिहार से

डर लगता है जब कोई दिवार लांघने की कोशिश करता है| डर लगता है जब कोई सच कहने की कोशिश करता है| डर लगता है जब किसी के विचार एक बाहुबली से टकराते हैं| डर लगता है जब कोई चंदू बनने की राह पर होता है| कन्हैया और रोहित...
दुनिया ऐसी हुआ करती थी , एक कविता बिहार से

दुनिया ऐसी हुआ करती थी | एक कविता बिहार से

“ओ माँ! ये दुनिया तेरे आँचल से छोटी है|”   ये पंक्तियाँ हैं नीलोत्पल मृणाल जी की, जिनकी पहचान एक उपन्यासकार के रूप में स्थापित हो रही है| अप्रेल 2015 में प्रकाशित इनकी पहली ही पुस्तक ‘डार्क हॉर्स’ के...
बचपन , एक कविता बिहार से

बचपन के दिन भले थे कितने | एक कविता बिहार से

रविन्द्र प्रसाद जी ने पटनाबीट्स से अपनी एक कविता साझा की है| कविता का शीर्षक हम सबको प्रिय है| इंसान कितना भी आगे निकल जाये एक जो चीज़ हमेशा उसे अपनी ओर खींचती है वो है ‘बचपन’| ये शायद ऐसी उम्र है जो जीवन भर साथ...
खुश हूँ ज़मीन से पूरा उखाड़ कर उसको | एक कविता बिहार से

खुश हूँ ज़मीन से पूरा उखाड़ कर उसको | एक कविता बिहार से

नितेश वर्मा जी वैसे तो सिविल इंजिनियर हैं, लेकिन लेखनी में अपनी जगह पुख्ता करने की भरपूर कोशिश में लगे हैं| साहित्यिक पत्रिकाओं में छपते रहे हैं और एक त्रैमासिक पत्रिका के सह-संपादक भी हैं| मूलतः बिहार के बेतिय...

हमसे हमारा नाम ले हमको तुम्हारा नाम दे दो | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स पर  एक कविता बिहार से  में आज की कविता आई है पाठकों के बीच से| अनुराग कश्यप ठाकुर जी सीतामढ़ी जिले के रीगा गाँव से हैं| इंजीनियरिंग कर चुके हैं और अब घर से दूर दिल्ली में बसेरा है| कवितायें लिखने के शौ...
झारखण्ड की एक लड़की

झारखण्ड की एक लड़की | एक कविता बिहार से

इन्हें दूरदर्शन पर एंकरिंग करते हुए देखा करते हैं| 13 वर्षों तक लगातार दिल्ली से गणतंत्र दिवस परेड का आँखों देखा हाल सुनाने का गौरव हासिल कर चुकी हैं| ये लेखिका हैं और कवयित्री भी| कवि...
आफताब अहमद, एक कविता बिहार से

धूप में नहा कभी | एक कविता बिहार से

आफताब अहमद जी बिहार के गया जिले के निवासी हैं| लघु-कथाएं और ग़ज़लें तो लिखते ही हैं, उपन्यास भी लिख चुके हैं| शिक्षक हैं और अपनी हालिया प्रकाशित इंग्लिश उपन्यास ‘A book in her hand’ के जरिये लड़कियों की शिक्षा प...
इन सड़कों पे

इन सड़कों पे | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स पर "एक कविता बिहार से" में आज एंट्री ले रहे हैं निदेशक श्री नितिन चंद्रा जी। 'मिथिला मखान' बनाकर राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं। 'देसवा' बनाकर साबित किया था इन्होंने कि भोजपुरी 'अश्लीलता' से कितनी दूर...
हाइकु, ऋतु पल्लवी के 15 हाइकु | एक कविता बिहार से

ऋतु पल्लवी के 15 हाइकु | एक कविता बिहार से

हाइकु! काव्य की एक अलग विधा| हो सकता है आप इसके बारे में जानते हों, हो सकता है बिल्कुल न जानते हों| अगर न जानते हों तो हाइकु से एक छोटा-सा परिचय आपको यहाँ हाइकु पढ़ने के बाद मिलेगा| लेकिन कौन है आज ‘एक कविता बि...
नेहा नूपुर

तुम्हें मनकों से हार बनाना है | एक कविता बिहार से

‘एक कविता बिहार से’ के सफर की शुरुआत को दो महीने हो गये| इस सफ़र में आपका जो साथ मिला, सराहनीय रहा| जैसा कि हमने निर्णय लिया था, आखिरी पोस्ट मेरी, यानि आपके होस्ट की, अर्थात् नेहा नूपुर की होगी; उसी वादे को पू...
हम हैं बिहारी

हम जागे तो जाग उठा है सारा हिन्दुस्तान | एक कविता बिहार से

आलम खुर्शीद साहब, आरा से सम्बन्ध रखते हैं और उर्दू के बड़े शायरों में देश-विदेश में जाने जाये जाते हैं| शानदार गज़ल तो लिखते ही हैं, इनकी कई किताबें भी आ चुकी हैं| लेकिन इससे इतर यह कविता उन्होंने खास तौर से भे...
आज़ाद , एक कविता बिहार से

आज़ाद क्या हुए, बिलगाव में हैं उलझे | एक कविता बिहार से

खगड़िया, बिहार के निवासी कैलाश झा किंकर जी का जन्म 12 जनवरी 1962 को हुआ| ये सक्रिय कवि होने के साथ-साथ ‘कौशिकी’ नामक पत्रिका के संपादक भी हैं, कविता की 10 किताबें भी लिख चुके हैं| श्री कैलाश जी के द्वारा साझा की...
आवाज उठानी होगी

आवाज उठानी होगी | एक कविता बिहार से

अमित शाण्डिल्य जी नये युग के कवि हैं| समस्तीपुर के तिस्वारा ग्रामनिवासी अमित जी 25 मई 1991 को जन्मे| फ़िलहाल पटना में नौकरी करते हैं तथा दिन भर का हिसाब हर रात पन्ने पर उकेर देते हैं| इस युवा कवि ने देश के प्रत...
ऐ वतन याद है किसने तुझे आजाद किया , Bashshar Habibullah

ऐ वतन याद है किसने तुझे आजाद किया | एक कविता बिहार से

गया में जन्मे आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री जी का कार्यस्थल मुजफ्फरपुर बना। यहीं सरकारी संस्कृत कॉलेज में प्राध्यापक के पद पर इनकी स्थायी नियुक्ति थी। संस्कृत से साहित्य की दुनिया में कदम रख इन्होंने हिन्दी, अंग्...