स्त्री के प्रतीक्षा का मर्म बताती, एक कविता बिहार से

प्राची मूल रूप से समस्तीपुर की हैं और कुछ सालों से दिल्ली में रह रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद फिलहाल प्राची वहीं से हिन्दी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर रही हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर वह हमेशा से ही क्रिएटिव राइटिंग क्लबों से जुड़ी रही हैं और अपनी लेखनी से अपनी मौजूदगी का […]

‘एक कविता बिहार से’ में पेश है गीतकार एवं कवि राज शेखर की कविता

राज शेखर हिंदी फिल्म जगत के जानें – मानें गीतकार हैं। राज शेखरबॉलीवुड की कई फिल्मों के गानों में शब्दों का जादू बिखेर चुके है। बिहार के मधेपुरा में जन्में राज शेखर गानों के साथ- साथ कविताएं भी लिखते है। तनु वेड्स मनु सीरीज़ की दोनों फिल्मों में राज जी के लिखे हुए गानें बेहद पसंद किये गए […]

माँ और बेटी की अलग धारणा के बीच छुपे प्यार को दर्शाती एक कविता बिहार से

भागलपुर की ऐश्वर्य राज दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा है। मिरांडा हाउस से दर्शनशास्त्र में स्नातक कर रहीं है। अपनी कविताओं से पितृसत्ता समाज की रूढ़िवादी सोच पर सवाल करतीं है। उनका मानना है ,जीवन और साहित्य को बांधकर शब्दों में डालना बेईमानी है। कविताओं के माध्यम से आज के समाज में युवा अपने कलम को हथियार […]

‘एक कविता बिहार से’ में आज प्रस्तुत है एक गृहणी की कविता

कविताओं को लिखना और पढ़ना अपने-आप में एक कला है। आज बिहार से नए दौर में अनेक तरह के कविता लेखन को देखा जा रहा है। वही गृहणियों में भी कविताओं और कहानियों का शौक कम नहीं हुआ है , इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस शौक को पूरा करने में आज […]

देसीपन की मिठास लिए ‘एक कविता बिहार से’ में चेतन कश्यप की भोजपुरी कविता

कविताएं ज़िन्दगी का सारांश लिखने का सबसे अच्छा माध्यम है और शायद इसीलिए कविताओं की यह खासियत होती है कि बड़े से बड़े घटनाक्रम को चंद पंक्तियों में बयान कर देती हैं। ‘भाषा’, उन्हीं कविताओं को किसी खास जगह से जोड़ने का काम करती हैं। वैश्विक भाषाओं में अवश्य ही कविताएं ज़्यादा पढ़ी जाती हों […]

एक गर्भवती के मन की उथल – पुथल को दर्शाती एक कविता बिहार से

बिहार की लेखनी हर वक्त और दौर में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है। कविता को आज के दौर में नये तरीकों से लिखा जाना और समाज के सोच पर कटाक्ष करना लेखनी द्वारा लाया जा रहा बदलाव है। वैसे ही आज ‘एक कविता बिहार से’ में पेश है एक मनोहर लेखनी के धनी […]

नारी की स्थिति को दर्शाती , शेफालिका वर्मा की एक कविता बिहार से

शेफालिका वर्मा मैथिली की प्रतिष्ठित लेखिका हैं, जिन्होंने पद्य एवं गद्य की विभिन्न विधाओं में समान रूप से अपनी लेखनी चलाई है। वे हिंदी एवं अंग्रेजी में भी लिखती हैं। एक लेखिका एवं साहित्यकार के रूप में शेफालिका जी ने जो सम्मान एवं सराहना अर्जित की है, वह काफी सराहनीय है। शेफालिका जी को मैथिली […]

विश्व गौरैया दिवस पर रश्मि शर्मा की ‘ओ री गौरैया’ | ‘एक कविता बिहार से’

गौरैया का हमारे समाज में बेहद अहम स्थान रहा है। हमारे रोशनदानों, आँगन के झरोखों से होते हुए कब गौरैया ने हमारे किस्से कविताओं का हिस्सा हो गई हमें पता भी नहीं चला। आज विश्व गौरैया दिवस है और यह बताने की ज़रूरत नहीं की इंसान की सबसे पुराने साथियों में से एक, गौरैया की […]

ज़िन्दगी के आपाधापी की खामियां गिनाती राजेश कमल की ‘एक कविता बिहार से’

राजेश कमल का जन्म सहरसा में हुआ और फ़िलहाल पटना में रहते हैं। समाज से काफ़ी जुड़े होने के कारण उनकी कविताओं में प्रेम, समाज, देश, राजनीति के मानवीय भावनाओं का समावेश दिखता है। समकालीन परिस्थितियों को राजेश शब्दों में घोल कर अपनी कविताओं में प्रस्तुत करते हैं। प्रस्तुत कविता में राजेश ज़िन्दगी की आपाधापी […]

औरतों की हालत पर सवाल उठाती कविता ‘हमारे समाज से’ | एक कविता बिहार से

पटना के आयुष सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है एवं बी.एन. कॉलेज के छात्र हैं। आजकल के स्मार्टफोन जेनेरशन से आने के बाद भी ‘अबोध बालक’ के तख़ल्लुस में लिखने वाले आयुष, कविता की पुरानी शैली को जीवित रखे हुए है। इनकी कवितायों में आपको संदेश, प्रेरणा और आत्मबोध का मिलाप दिखेगा। प्रस्तुत कविता में […]

दुनिया भर के रचनाकारों को अपनी जिम्मेदारी का बोध कराती एक कविता बिहार से

ऐश्वर्य राज का ताल्लुक़ बिहार के भागलपुर शहर से है। शुरूआती पढ़ाई बिहार से करने के बाद, ऐश्वर्य दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से दर्शनशास्त्र में स्नातक कर रहीं हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर कई वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहरा चुकी हैं और कहती हैं कि इनके लिए लिखना थोपी हुई आइडेंटिटी पर सवाल करना है। […]

क्या तुम भी किस चक्कर में हो | एक कविता बिहार से

हमारी हमेशा से ही कोशिश रही है कि हम बिहार की रचनात्मकता, यहां के अहम् व्यक्तित्व और किस्से कहानियों से पूरी दुनिया को रूबरू करा सकें । इसी सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए हमने एक कविताओं की श्रृंखला “एक कविता बिहार से” की शुरुआत की थी जिसको लोगों ने खुली बाहों से स्वीकारा और […]

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को सुनिए ये भोजपुरी गाना

आज अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जा रहा है। 2000 से हर साल की 21 फरवरी को विश्वव्यापी तौर पर मनाया जाने वाला ये दिवस हर भाषा के महत्त्व और  बहुसंस्कृतिवाद के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिवस के मनाये जाने का प्रमुख कारण दुनिया भर की अलग अलग मातृभाषाओं को […]

जब भी जाता हूँ गाँव | एक कविता बिहार से

 इनका नाम मुकेश कुमार सिन्हा है । इनका जन्म 4 सितम्बर 1971बेगुसराय बिहार में हुआ है। वर्तमान में सम्प्रति केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार के प्रथम व्यक्तिगत सहायक है। इनकी एक कविता संग्रह “हमिंग बर्ड” आ चुकी है। अभी हाल में ही “लाल फ्रॉक वाली” नाम से एक लप्रेक किताब लिखी है। ये कवि मूलतः अनुभव […]