पटना के वो दिन-यादों की कलम से।

सात साल हो गए हैं घर को छोड़े हुए। छोड़ने की वजह – पढाई ,नौकरी ,ट्रेनिंग इत्यादि । इन्ही चक्करों में एक शहर से दुसरे शहर भटकती रही हूँ। लगता है ज़िन्दगी का अच्छा ख़ासा हिस्सा बिता दिया है करियर बनाने की राह में ।...