सौहार्द (मित्रता) का परिचय देते पटना के मंदिर और मस्जिद

पूरे देश में मस्जिद में बज रहे लाउडस्पीकरों को लेकर हंगामा है। कई राजनीतिक दल इस मुद्दे पर भरपूर राजनीति कर रहे हैं। तो कई दल इस मुद्दे से अपना जान बचाते दिख रहे हैं। और खबरिया चैनलों का तो दुकान ही हिन्दू- मुस्लिम का जाप करने से चलता है। ऐसे समय में जब पूरा […]

इंटरनेशनल फायर फाइटर्स डे पर कीजिए सलाम अज्ञात वीरों को

4 मई को हर साल नेशनल फायर फाइटर्स डे अग्निशामक दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन अग्निशामकों (firefighters) को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है जो बस हमारे एक कॉल पर अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य उन सभी सेवाओं के लिए अग्निशामकों […]

जानिए ईद की रस्में और ईद पर बनने वाले लज्जतदार पकवानों के बारे मे

भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है। लेकिन इस त्योहारों के देश को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाती है यहां की धर्मनिरपेक्षता। यहां हर धर्म, हर मजहब के लोग एक- दूसरे के त्योहार को उतनी ही खुशी और धूमधाम से मनाते हैं जितना वह अपने त्योहार को मनाते हैं। हां, आए दिन आपको जगह- […]

जानिए कैसे हुई मजदूर दिवस की शुरुआत और फिलहाल क्या है स्थिति

1 मई को पूरे दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। 132 साल से इस दिन को मजदूरों के लिए मनाया जाता है। इस दिन को लेबर डे, श्रमिक दिवस, मजदूर दिवस और मई डे के नाम से भी जाना जाता है। मजदूर दिवस का दिन ना केवल श्रमिकों को सम्मान देने के लिए […]

मधुबनी पेंटिंग को विदेशों में भी प्रख्याती दिलाने वाली- गोदावरी दत्ता

मिलिए बिहार की रहने वाली 93 साल की गोदावरी दत्ता से….जिन्हें मिथिला पेंटिंग की शिल्पगुरु माना जाता है। 93 साल की गोदावरी दत्ता बिहार के मधुबनी जिले में रहती हैं और उन्होंने मिथिला पेंटिग को एक संभाग से निकालकर देश-दुनिया में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। वो बीते पांच दशक से मिथिला पेंटिंग पर […]

हुनरबाज विनर आकाश सिंह ने एक एक्ट के दौरान तोड़े तीन दांत, कहा- ‘मेरी मेहनत से मिली ट्रॉफी’

बिहार की धरती से हमेशा नए- नए टैलेंट उभरते रहे हैं और देश का नाम रोशन करते रहे हैं। बिहार के भागलपुर के जमसी गांव के रहने वाले आकाश सिंह ने अपने हुनर से लोगों को “एक बिहारी सौ पर भारी” कहावत को मानने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने कलर्स चैनल के टैलेंट शो […]

जानिए कौन है बिहार की ‘स्कोरिंग मशीन’- स्वीटी कुमारी

“लहरों से नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।” यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। लेकिन समय-समय पर हमें उन लोगों के बारे में भी जानना चाहिए जो ऐसे कहावत को जिंदा रखते हैं। इसीलिए आज हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे बिहार की स्वीटी कुमारी के बारे […]

दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली बिहार की बेटी- निरुपमा पांडे

माउंट एवरेस्ट धरती का सबसे ऊंचा शिखर माना जाता है। यहां पहुंचना किसी व्यक्ति विशेष के लिए तो क्या बल्कि पूरे देश के लिए बहुत सम्मान की बात होती है। इसीलिए इसे फतह करने के लिए हर साल दुनिया के कोने-कोने से खूब पर्वतारोही आते तो हैं। लेकिन इनमें से कुछ ही इरादे सफल हो […]

बिहार की पहली महिला फुटबॉलर गोल्ड मेडलिस्ट- अंशा सिंह

इस पितृसत्तात्मक समाज में हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी चीज़ लिंग को आधार पर वर्गीकृत किया गया है। कपड़े और रंग से लेकर ऑफिस या घर के काम से लेकर उठने, बैठने, चलने, बात करने आदि का तरीका भी लैंगिक आधार पर ही बटा हुआ है। लिहाज़ा खेल भी इस प्रवृत्ति से […]

कैरम जैसे खेल को विश्व पटल पर लाने वाली बिहार की बेटी- रश्मि कुमारी

अमूमन हम लोग खेल-खेल में कहते हैं आओ चलो कैरम बोर्ड बोर्ड खेलते हैं। और फिर हम अपने दोस्तों के साथ कैरम बोर्ड खेलने लगते हैं। लेकिन राजा महाराजाओं के द्वारा शौकिया तौर पर खेले जाने वाला एक कैरम बोर्ड गेम अचानक ही भारत में क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन फुटबॉल जैसे गेमों के बीच में भी […]

पति पर चल रही गोलियों से भी देश के खातिर जिस स्त्री का कदम नहीं रूका- तारा रानी श्रीवास्तव

भारतीय इतिहास में भारत पर 200 साल राज करने वाला भले ही इंग्लैंड का पुरुष साम्राज्य था। पर भारत के लोगों को अंग्रेजों से आजाद करने में यहां की महिलाओं की भी उतनी ही भूमिका है जितना कि यहां के पुरुषों का। चाहे रानी लक्ष्मीबाई हो, सरोजिनी नायडू हो या सावित्रीबाई फुले। सभी ने क्रूर […]

जातिगत भेदभाव को अपनी कला से मात देती है कि युवा कलाकार- मालविका राज

आमतौर पर लोगों का मानना है कि बिहार की नस-नस में जातिगत भेदभाव है। कई परिदृश्यों में शायद यह विचार सही भी है। यहां के चुनावी प्रचार और चुनावी मतदान में यह भेदभाव साफ- तौर पर देखने को मिलता है। लेकिन इस जातिगत भेदभाव को खत्म करने के प्रयास करने वालों की भी बिहार में […]

एक ग्रामीण महिला जिसे असाधारण कलात्मक कौशल का आशीर्वाद प्राप्त था – गंगा देवी

आज मधुबनी पेंटिंग भारतीय आदिवासी और लोक कला का प्रतीक है। जबसे मधुबनी पेंटिंग गांव के घरों की दीवारों से निकलकर कागज पर बनने लगीं तब से यह मुख्यधारा में काफी प्रचलित हुई। क्योंकि कागज एक जगह से दूसरी जगह आसानी से जा सकते थे। कागजों पर बनी मधुबनी पेंटिंग लोगों का ध्यान अपनी और […]

राजनीति में शामिल होने वाली पहली महिलाओं में से एक- तारकेश्वरी सिन्हा

देश में बिहार की लोकप्रियता यहां की पिछड़ेपन, गरीबी और भ्रष्टाचारी, की वजह से ज़्यादा है। क्योंकि मिडिया ने बिहार के सिर्फ एक पहलु को दिखाया है। जहां से शायद बिहार सबसे असभ्य, अशिक्षित और गरीब राज्य दिखता है। लेकिन बिहार में कई ऐसी चीजें हैं जिसपर हम गर्व कर सकते हैं। बिहार के जन्में […]

बिहार की प्राचीनतम कला- पपीयर माचे

बिहार भारत के प्राचीनतम शहरों में से एक है। पौराणिक काल से ही बिहार अपनी सभ्यता और संस्कृति को लेकर चर्चा का विषय रहा है। इसी सांस्कृतिक राज्य बिहार में मुगल काल से ही पपीयर माचे नाम की एक शिल्प कला बनाई जाती है। विदेशों में भी बेहद प्रसिद्ध है। बेशक समय के साथ इस […]