बचपन की याद दिलाएगा यह बेजोड़ छठ गीत

हर साल की भांति इस साल भी नितिन चंद्रा अपने यूट्यूब चैनल 'बेजोड़' पर एक छठ गीत लेकर आए हैं। पिछले तीन वर्षों से हर बार वह छठ के अवसर पर एक गीत रिलीज़ करते हैं और इस बार भी उन्होंने अपने छठ गीत का चौथा संस्करण प...
जबरिया जोड़ी

“जबरिया जोड़ी दहेज की दिक्कत से लड़ती फिल्म है” : फिल्म के लेखक संजीव झा से खास बातचीत

बिहार के लोग देश-विदेश में अपनी मेहनत की बदौलत सफलता का परचम लहराते रहे हैं। चाहे वह सिनेमा हो, साहित्य, राजनीति या अन्य कोई भी क्षेत्र हो, बिहारी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने को हमेशा तत्पर रहते हैं। बॉलीवुड की बात...
प्रतिक्षा

स्त्री के प्रतीक्षा का मर्म बताती, एक कविता बिहार से

प्राची मूल रूप से समस्तीपुर की हैं और कुछ सालों से दिल्ली में रह रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद फिलहाल प्राची वहीं से हिन्दी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर रही हैं। विश्वविद्यालय स्त...
भोजपुरी, ja ja re sugna

Watch: मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा यह गाना भोजपुरी संगीत के बारे में आपकी सोच बदल देगा

बिहार और गीत संगीत का रिश्ता काफ़ी पुराना रहा है, मगर हाल के वर्षों में अश्लील और फूहड़ भोजपुरी गानों की वजह से बिहार की छवि काफ़ी धूमिल हुई है। लोगों के दिमाग में बिहारी गानों का मतलब सिर्फ़ घटिया गाने हैं जिनका ब...

देसीपन की मिठास लिए ‘एक कविता बिहार से’ में चेतन कश्यप की भोजपुरी कविता

कविताएं ज़िन्दगी का सारांश लिखने का सबसे अच्छा माध्यम है और शायद इसीलिए कविताओं की यह खासियत होती है कि बड़े से बड़े घटनाक्रम को चंद पंक्तियों में बयान कर देती हैं। 'भाषा', उन्हीं कविताओं को किसी खास जगह से जोड...
world sparrow day

विश्व गौरैया दिवस पर रश्मि शर्मा की ‘ओ री गौरैया’ | ‘एक कविता बिहार से’

गौरैया का हमारे समाज में बेहद अहम स्थान रहा है। हमारे रोशनदानों, आँगन के झरोखों से होते हुए कब गौरैया ने हमारे किस्से कविताओं का हिस्सा हो गई हमें पता भी नहीं चला। आज विश्व गौरैया दिवस है और यह बताने की ज़रूरत न...
satyam verma

ज़िन्दगी के आपाधापी की खामियां गिनाती राजेश कमल की ‘एक कविता बिहार से’

राजेश कमल का जन्म सहरसा में हुआ और फ़िलहाल पटना में रहते हैं। समाज से काफ़ी जुड़े होने के कारण उनकी कविताओं में प्रेम, समाज, देश, राजनीति के मानवीय भावनाओं का समावेश दिखता है। समकालीन परिस्थितियों को राजेश शब्दों ...