देश का एकमात्र पश्चिमोभिमुख सूर्य मंदिर: औरंगाबाद

देश में सबसे प्राचीन शक्तिपीठों और ज्योतिर्लिंगों को माना जाता है। इन सभी का समय-समय पर जीर्णोद्धार किया गया। प्राचीनकाल में यक्ष, नाग, शिव, दुर्गा, भैरव, इंद्र और विष्णु की पूजा और प्रार्थना का प्रचलन था। बौद्ध और जैन काल के उत्थान के दौर में मंदिरों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाने लगा। ऐसा […]

छठ के गीतों में बिहार कोकिला की आवाज़ और उनमें मिट्टी की महक ने सबके दिलों पे किया राज

ऐसा कोई भी साल अधूरा नही गया होगा जब छठ महापर्व में सारदा सिन्हा के गीतों से भक्त और श्रद्धालुओं में एक अलग ही उमंग देखने को न मिला हो, सारदा सिन्हा के गाने न केवल स्वरों का संगम है बलकि उनमें छिपे है हमारी संस्कृति हमारी विचारधाराओं का संगम और सबसे खास हमारा इमोशन। […]

जोगिरा, सारा रा रा…..से डीजे वाले बाबू तक का सफर

उत्तर भारत के कई राज्यों में वसंत पंचमी के बाद से ही होली के गीत गाए जाने लगते हैं और यह सिलसिला होली तक जारी रहता है. इन गीतों को कई लोग फाग भी कहते हैं और कई लोग फगुआ. होली को रंगों के त्योहार के रूप में जाना जाता है। यह भारत में सबसे […]

नारी शक्ति और कला की जरों को सींचता पोथी पत्री फाउंडेशन

Pothi patri foundation का काम महिलाओं के हाइजीन , प्राइमरी एजुकेशन ऑफ आर्ट को लेकर काम करना है, शहरों में भी आपको अपने आस-पास ऐसे कई घर देखने को मिल जाएंगे, जहां महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पूजा करने और रसोई में जाने की अनुमति नहीं होती है। जिस सोच को आप सिर्फ रूढ़िवादी मान […]

बिहार के देवेश झा की बनाई ड्रोन अब करेगी दुनिया भर की सैर

टेक्नोलॉजी का मुख्य उद्देश्य कम से कम रेसॉर्स इस्तेमाल करके अधिक से अधिक आउटपुट या रिजल्ट देना है, टेक्नोलॉजी ने हमे आज के समय चौतरफा घेरा है कैसे, आपके पास हो सकता है मोबाइल हो, घर में टेलीविजन, एयरकंडीशनर, कार कंप्यूटर आदि सब इसका एक नमूना है।  टेक्नोलॉजी विज्ञान की देन है, वैज्ञानिकों द्वारा दिन […]

बिहार की उन महिलाओं की कहानी जिन्होंने दूसरों के लिए रखी विकास की नीव

बिहार की पहली महिला गवर्नर : सरोजिनी नायडू  सरोजिनी नायडू ( नी चट्टोपाध्याय ; 13 फरवरी 1879 – 2 मार्च 1949) एक भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता और कवि थीं। नागरिक अधिकारों , महिलाओं की मुक्ति और साम्राज्यवाद विरोधी विचारों की समर्थक , वह औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति […]

इन 10 किताबों के पन्नों में छलकता है हमारा बिहार

किताबे सभ्यता की वाहक हैं। किताबों के बिना इतिहास मौन है, साहित्य गूंगा हैं, विज्ञान अपंग हैं, विचार और अटकलें स्थिर है। ये परिवर्तन का इंजन हैं, विश्व की खिड़कियां हैं, समय के समुद्र में खड़ा प्रकाशस्तंभ हैं। 1. रूकतापुर (पुष्यमित्र) ‘रुकतापुर’  काफी चर्चित पुस्तक है जो  बिहार  के वंचित समाज के हालात को बयां […]

14 साल की उम्र में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले गया के विष्णुदेव नारायण सिंह

देश की आज़ादी के लिए न जाने कितने ही महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी, और कठिन परिश्रम और मेहनत के बल पे हमारे देश को आज़ादी की रोशनी से रौशन किया, हमारा प्रदेश बिहार ना केवल मोक्ष की धरती है बल्कि कई ऐसे स्वंतत्रता सेनानियों की जननी भी है । उनमें से […]

सच्चाई की नीव रखने वाले : फणीश्वर नाथ रेणु

अपने ज़िले की मिट्टी से… कि अब तू हो गई मिट्टी सरहदी इसी से हर सुबह कुछ पूछता हूँ, ये कुछ पंक्तियां उस कलम की लिखी गई हैं जिसमे बिहार के मिट्टी की सुगंध है, फणीश्वर नाथ रेणु एक ऐसे लेखक जिन्होंने अपने कलम के सहारे कोने कोने में अपनी पहचान का दीपक जलाया। ∆ […]

बिहार के छोटे गांव से न्यूज एंकर तक का सफर : रवीश कुमार

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ पत्रकारिकता  जो आज नामशेष होने के अवस्था मे है और कभी भी दम तोड सकता है ।इस स्तंभ की रक्षा में आज भी कुछ पत्रकार जीजान से जुड़े हुए हैं, उनमें से एक हैं बिहार के रवीश कुमार। ∆ बिहार के चंपारण जिले से आते हैं रवीश कुमार। रवीश कुमार का […]

बिहार के साकिबुल गनी ने रणजी डेब्यू में तिहरा शतक जड़कर बनाई वर्ल्ड रिकॉर्ड

रणजी ट्रॉफी 2021-22  में बिहार के लिए डेब्यू कर रहे साकिबुल गनी  ने अपने पहले ही प्रथम श्रेणी मैच में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज होने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। गनी ने शुक्रवार को मिजोरम के खिलाफ बिहार के रणजी ट्रॉफी मैच में डेब्यू मैच में 405 गेंदों पर 341 रन बनाए। ∆कौन […]