गीत ही शास्त्र, गीत ही मंत्र | छठ पर्व

छठ मेरा सबसे प्रिय त्योहार है| बतौर कलाकार तो इसलिए भी कि यह इकलौता त्योहार है, जो गीत—संगीत प्रधान है| अगर आदिवासी समुदाय के पर्व त्योहारों को छोड़ दें, जिनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा गीत—संगीत होता है, तो दूसरे किसी त्योहार के बारे में, जिसमें गीत-संगीत इस तरह अनिवार्य तत्व की तरह शामिल अथवा […]

पुरबी के जनक कवि महेंदर मिसिर के गीतों को गाते हुए

आज महेंदर मिसिर की पुण्यतिथि है. किसी रचनाकार, कलाकार, सर्जक को याद करने के लिए उसके जयंती से ज्यादा महत्वपूर्ण  पुण्यतिथि है,क्योंकि जिस दिन वह दुनिया से विदा होता है तो अपने दम पर एक थांति छोड़ जाता है| जन्म—जन्मांतर तक बनी रहती है वह थांति. पुरबी इलाके के अदभुत और अपने तरीके के अनोखे […]