14 साल की उम्र में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले गया के विष्ण देव नारायण सिंह

14 साल की उम्र में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले गया के विष्णुदेव नारायण सिंह

देश की आज़ादी के लिए न जाने कितने ही महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी, और कठिन परिश्रम और मेहनत के बल पे हमारे देश को आज़ादी की रोशनी से रौशन किया, हमारा प्रदेश बिहार ना केवल मोक्ष की धरती है बल्कि कई ऐसे स्वंतत्रता सेनानियों की जननी भी है । उनमें से एक हैं गया के  विष्णु देव नारायण सिंह, जिन्होंने 14 साल की उम्र में ही अंग्रेजो को धूल चटाया, और विजयी भव के शंख नाद से हमारे देश को गौरवांबित किया।

विष्णुदेव नारायण सिंह का जन्म गया जिले के टिकारी प्रखंड के चितखोर गांव के एक जमींदार के घर साल 1925 के जनवरी माह में हुआ था।

∆ 14 साल की उम्र में घर छोड़कर आज़ादी की लड़ाई में कूद परे।

विष्णु देव नारायण सिंह ने  14 साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया. घर छोड़ते ही उन्होंने सबसे पहले ब्रिटिश झंडा जला डाला. विष्णु देव नारायण यहीं नहीं रुकने वाले थे. उन्होंने इसके बाद टिकारी थाना और 13 दिन बाद बिहारशरीफ थाने को जलाकर राख कर दिया.

∆ जेल में हो रही यातनाओं के बीच भी  देश प्रेम में नहीं आई कमी।

अंग्रेजों को खुली चुनौती देने वाले  विष्णु देव नारायण सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था  और तीन साल तक अलग-अलग जेलों रखकर यातनाएं दी थी। उन्हे कैंप जेल में जंजीरों से बांधकर रखा गया और खूब यातनाएं दी गई। अंग्रेज एक जेल में स्थायी रूप से कभी नहीं रखते थे। जेल के अंदर कैदी से तेल का कोल्हू चढ़वाया जाता था. हमलोग ने विरोध किया, तो दोनो हाथ की अंगुली को तोड़ दी गईं. खाने के लिए हमेशा रूखा सूखा मिलता था.

∆ ‘गांधी जी की पहल पर छोड़े गए’

जेल यातनाओं के बाद भी देशभक्ति कम नहीं हो रही थी । गांधी जी की पहल पर उन्हे जेल से छोड़ा गया था,  उसके बाद भी उन्होंने हार नही मानी और अंत में देश को आज़ादी की सुबह से नवाज़ा गया।

∆ राष्ट्रपति द्वारा उनकी वीरता को किया गया सम्मानित।

नई दिल्ली में राष्ट्रपति ने बिहार जिले के टिकारी प्रखंड के चितौखर गांव के स्वतंत्रता सेनानी विष्णुदेव नारायण सिंह को सम्मानित किया था, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नौ अगस्त 2019 को राष्ट्रपति भवन में एट होम कार्यक्रम में उन्हें सम्मान दिया।

∆ विष्णुदेव नारायण के नाम पे बनाया गया कॉलेज ।

विष्णुदेव नारायण सिंह इंटर कॉलेज की स्थापना 1980 में हुई थी और इसका प्रबंधन शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है। यह ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है। यह बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचाहा ब्लॉक में स्थित है। स्कूल में 11 से 12 तक के ग्रेड होते हैं। स्कूल सह-शैक्षिक है और इसमें पूर्व-प्राथमिक खंड संलग्न नहीं है।

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