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सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज: स्वच्छता उद्यमी योजना के अंतर्गत सफाई कर्मियों के लिए लोन मेला आयोजित।

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आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज के अंतर्गत पटना नगर निगम द्वारा मौर्य लोक अवस्थित मुख्यालय परिसर में मंगलवार को लोन मेला का आयोजन किया गया है । मेयर सीता साहू ने कार्यक्रम की उद्धघाटन करते हुए सफाई कर्मियों को मेले का महत्व बताया।  

लाभार्थियों को प्रति मशीन की खरीद के लिए अधिकतम 15 लाख रुपये का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा जिसे 10 वर्ष की अवधि में चुकाना होगा। सुरक्षा उद्यमी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों कम ब्याज पर लोन की सुविधा दी जाएगी।
नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनांस एंड डेवलप्मेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से योजना के अंतर्गत लोन की व्यवस्था की जाएगी।

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स्वच्छ भारत अभियान के सम्पूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा मैला ढुलाई की प्रथा को खत्म करने एवं सफाई कर्मियों को जीविका प्रदान करने के उद्येश्य से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वच्छता उद्यमी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को कर्ज प्रदान किया जाता है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत गठित नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनैंस एंड डेपलप्मेंट कॉर्पोरेशन (NSKFDC)  के माध्यम से सभी नगर निकायों को मशीन खरीद के लिए एवं निकाय के सफाई कर्मियों एवं उनके आश्रितों को मशीन खरीद के लिए तय मापदंडों के अनुसार कम ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराया जाता है।

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स्वच्छता उद्यमी योजना के मापदंडों के अनुसार लाभुकों की सूचि की जिम्मेदारी नगर निकायों की है। योजना का लाभ केवल नगर निगम के सीवरेज, सेप्टिक टैंक आदि के सफाई कार्य में लगे सफाई कर्मियों अथवा उनके आश्रितों को ही मिल सकता है। अत: पटना नगर निगम के सभी अंचलों द्वारा लाभुकों की लिस्ट तैयार की गई है। लोन मेला में पटना नगर निगम के स्थायी कर्मचारी के आश्रित अथवा पटना नगर निगम के अस्थायी/ऑउटसोर्सिंग एजेंसी के सफाई कर्मी अपने नाम पर मशीन खरीद हेतु लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

स्वच्छता उद्यमी योजना के अंतर्गत निकायों के लिए अनिवार्य है कि जितने भी सफाई कर्मियों को योजना के अंतर्गत लोन मिलता है उन्हें निगम के स्तर से सीवरेज एवं सेप्टिक टैंक आदि का सफाई का कार्यादेश दिया जाएगा एवं उसके लिए भुगतान भी किया जाएगा। लोन प्राप्त करने वाले सफाई कर्मी अथवा आश्रित निगम के साथ साथ निजी प्रतिष्ठानों को भी अपनी सेवा दे सकते हैं। इस तरह ना केवल सफाई कर्मियों के लिए कर्ज की राशि का भुगतान आसान होगा बल्कि रोजगार से उनकी जीवनशैली में भी सुधार होगा।

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PatnaBeats Staff

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