बिहार की उन महिलाओं की कहानी जिन्होंने दूसरों के लिए रखी विकास की नीव

बिहार की पहली महिला गवर्नर : सरोजिनी नायडू 

सरोजिनी नायडू ( नी चट्टोपाध्याय ; 13 फरवरी 1879 – 2 मार्च 1949) एक भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता और कवि थीं। नागरिक अधिकारों , महिलाओं की मुक्ति और साम्राज्यवाद विरोधी विचारों की समर्थक , वह औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थीं । एक कवि के रूप में नायडू के काम ने उन्हें उनकी कविता के रंग, कल्पना और गीतात्मक गुणवत्ता के कारण महात्मा गांधी द्वारा ‘भारत कोकिला’ या ‘भारत कोकिला’ नाम दिया।

बिहार कोकिला : शारदा सिन्हा

इन्होंने मैथिली, बज्जिका, भोजपुरी के अलावे हिन्दी गीत गाये हैं। मैंने प्यार किया तथा हम आपके हैं कौन जैसी फिल्मों में इनके द्वारा गाये गीत काफी प्रचलित हुए हैं। इनके गाये गीतों के कैसेट संगीत बाजार में सहजता से उपलब्ध है। दुल्हिन, पीरितिया, मेंहदी जैसे कैसेट्स काफी बिके हैं। बिहार एवं यहाँ से बाहर दुर्गा-पूजा, विवाह-समारोह या अन्य संगीत समारोहों में शारदा सिन्हा द्वारा गाये गीत अक्सर सुनाई देते हैं। लोकगीतों के लिए इन्हें ‘बिहार-कोकिला’, ‘पद्म श्री’ एवं ‘पद्म भूषण’ सम्मान से विभूषित किया गया है।

बेड़ियों को तोड़ पुलिस उपाधीक्षक बनी: दुर्गा शक्ति

शादी के बाद अक्सर महिलाओं की जिंदगी घरेलू कार्यों में सिमट जाती है. शादी हो जाने पर न केवल पढ़ाई बीच में छूट जाती है, बल्कि कई महिलाएं नौकरी तक छोड़ देती हैं. ऐसे में इनके कई सपने अधूरे रह जाते हैं, लेकिन इस मामले में बिहार की महिला दुर्गा शक्ति ने मिसाल पेश की है. गोपालगंज की रहने वाली दुर्गा शक्ति इस वक्त वैशाली जिला की पुलिस उपाधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. 

तारा देवी : देश प्रेम ही सर्वश्रेष्ठ प्रेम।

तारा देवी 1942 में जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा की थी, उस समय सिवान के महाराजगंज में इस आंदोलन का नेतृत्व इसी दंपत्ती ने संभाल रखा था। आजादी मिलती और इनका प्रण पूरा होता। दांपत्य जीवन की गाड़ी आगे बढ़ती, इससे पहले नियति को कुछ और ही मंजूर था। 16 अगस्त 1942 को महाराजगंज थाने पर तिरंगा फहराने के दौरान अंग्रेजी हुकूमत की गोली से फुलेना बाबू शहीद हो गए। तब तारा देवी ने अपने पति के शव के साथ पूरी रात अकेले बिताई थी। उन्होंने कहा था कि आज ही हमारी शादी हुई है।

गुड मॉर्निंग पटना : आरजे अंजली सिंह

बिहार के आधुनिक रेडियो का पर्याय आरजे अंजलि सिंह देश के सबसे लोकप्रिय और बहुमुखी आरजे में से एक है। बिहार में लोगों से रेडियो के बारे में पूछें और सबसे पहली बात जो दिमाग में आती है वह है आरजे अंजलि। वह 9 साल से अधिक समय से पटना के रेडियो मिर्ची में आरजे के रूप में काम कर रही हैं। एक आकर्षक और अत्यधिक अभिव्यंजक चमकदार आवाज के साथ, आरजे अंजलि ने सभी का दिल जीत लिया है। वह समाज में बेहतरी और बदलाव के लिए भी लगातार काम कर रही हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्हें एक लाख से अधिक लोगों द्वारा फॉलो किया जा रहा है लेकिन वह बहुत विनम्र रहती हैं।

हिंदी लेखिका और गोवा की पहली महिला गवर्नर , बिहार की मृदुला सिन्हा।

मृदुला सिन्हा (27 नवम्बर 1942 वर्तमान में गोवा के राज्यपाल पद पर थीं। वे एक सुविख्यात हिन्दी लेखिका के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय कार्यसमिति की सदस्य भी थी। इससे पूर्व वे पाँचवाँ स्तम्भ के नाम से एक सामाजिक पत्रिका निकालती रही थीं। 

मिथिला कला को जीवनदान देती : दुलारी देवी 

दुलारी देवी (जन्म 1968) एक भारतीय कलाकार और चित्रकार हैं, जो मिथिला कला परंपरा में कार्यरत हैं। 2021 में, वह पद्म श्री पुरस्कार की प्राप्तकर्ता थीं, जो कला में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा दिया गया एक नागरिक सम्मान था।

प्रगतिशील विकास की अवधारणा रखने वाली : मीरा कुमार

मीरा कुमार (जन्म 31 मार्च 1945) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व राजनयिक हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्य, वह 2004 से 2009 तक सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री, 2009 में एक संक्षिप्त अवधि के लिए जल संसाधन मंत्री और 2009 से 2014 तक लोकसभा की 15 वीं अध्यक्ष रहीं। 2017 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का नामांकन हासिल करने पर एक प्रमुख राजनीतिक गुट द्वारा भारत के राष्ट्रपति पद के लिए मनोनीत होने वाली दूसरी महिला।

महिला पत्रकार : स्वेता सिंह 

श्वेता सिंह एक भारतीय पत्रकार और समाचार प्रस्तुतकर्ता हैं। [3] वह आज तक में न्यूज एंकर और स्पेशल प्रोग्रामिंग की सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं।

Malda Aam

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