जानिए ईद की रस्में और ईद पर बनने वाले लज्जतदार पकवानों के बारे मे

भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है। लेकिन इस त्योहारों के देश को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाती है यहां की धर्मनिरपेक्षता। यहां हर धर्म, हर मजहब के लोग एक- दूसरे के त्योहार को उतनी ही खुशी और धूमधाम से मनाते हैं जितना वह अपने त्योहार को मनाते हैं। हां, आए दिन आपको जगह- जगह पर मजहबी झगड़ो के बारे में भी सुनने को मिलता होगा। लेकिन मजहबी झगड़ों के पीछे हम उन लोगों को नहीं नजरअंदाज कर सकते जो निष्पक्ष प्रेम- भाव से एक दूसरे के धर्म का सम्मान करते हैं। आज पूरे देश में ईद के चांद की रौनक है। ईद-उल-फ़ित्र’ या ‘ईद’ मुसलमानों के सबसे महान त्योहारों में से एक है। यह रमजान के अंत को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। ईद एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ है ‘उत्सव’, जबकि फ़िर का अर्थ है ‘उपवास तोड़ना’। मुसलमानों के लिए, ईद-उल-फितर का त्यौहार ईश्वर का आभार व्यक्त करने और उसे याद करने का अवसर है। चलिए, इस आर्टिकल में जानते हैं ईद के त्यौहार को क्यों मनाया जाता है कैसे मनाया जाता है कब मनाया जाता है?

ईद की रस्में

ईद मुसलमान समुदाय का सबसे पवित्र धार्मिक त्योहार है। ईद से पहले 30 दिनों तक रमजान का पवित्र महिना होता है, जिसमें सभी मुस्लिम उपवास रखते हैं। 30 दिन के बाद ईद का त्योहार आता है। ईद पर मुसलमान एक साथ नमाज पढ़ते हैं और अल्लाह से सबकी सलामती की दुआ करते है। यह दिन रमजान के अंत का प्रतीक है, इसलिए वे इस दिन अपने दिल का खाना खाते हैं। पैगंबर मुहम्मद ने मक्का में सबसे पहले इस परंपरा की शुरुआत की थी। ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मुहम्मद इसी दिन मदीना पहुंचे थे। मुस्लिम लोग एक महीने पहले से ईद की तैयारी शुरू कर देते हैं। रमजान की शुरुआत में उत्साह शुरू होता है। महिलाएं अपने कपड़े, चूड़ियाँ, सामान पहले से तैयार करना शुरू कर देती हैं। दूसरी ओर, पुरुष अपने पारंपरिक कुर्ते और पजामा की तैयारी करते हैं। जब लोग ईद के लिए चाँद को देखते हैं, तो वे सभी को ‘चाँद मुबारक’ की शुभकामना देते हैं, क्योंकि यह ईद के दिन की पुष्टि करता है। महिलाएं और लड़कियां अपने हाथों पर खूबसूरती से मेंहदी लगाती हैं। इसी तरह, घरों को भी चित्रित और सजाया जाता है। ईद से पहले, मुसलमान उपवास करते हैं, दान देते हैं, प्रार्थना करते हैं, और रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान अन्य अच्छे काम करते हैं। इस प्रकार, ईद के दिन, हर कोई अपने दिन का आनंद लेता है। सीताइयन के रूप में जाने वाली मीठी सेंवई तैयार करने के लिए यह एक अनुष्ठान है। यह दो अलग-अलग तरीकों से तैयार किया गया है और दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसी तरह, अन्य व्यंजनों जैसे कबाब, बिरयानी, कोरमा और अधिक तैयार किए जाते हैं। ईद का त्योहार भाईचारे का प्रतीक होता है। इसलिए इस दिन लोग एक दूसरे के घर जाकर गले मिलते हैं और एक दूसरे की बड़े प्रेम भाव से मेहमान नवाजी करते हैं।

ईद पर ईदी का महत्व

युवाओं को ईदी बहुत पसंद है। ईदी एक उपहार है जिसे वे धन के रूप में बड़ों से प्राप्त करते हैं। इस प्रकार, बच्चे ईदी प्राप्त करने का आनंद लेते हैं और फिर उस पैसे से अपनी पसंदीदा चीजें खरीदते हैं। सभी लोग ईद पर बहुत आनंद लेते हैं और अपने दिल की खुशी के लिए अपनी पसंदीदा पकवान खाते हैं। कोई भी उत्सव बिना पकवानों की अधूरा होता है तो चलिए जानते हैं कि लोग ईद पर कौन-कौन से प्रसिद्ध पकवानों का आनंद उठाते हैं।

  1. शीरमाल- शीरमाल मैदे, घी और शक्कर से बनी मीठी रोटी को कहते हैं। शीर का मतलब होता है दूध। बाजार में पहले से तैयार मिलने वाले शीरमाल को गोश्त के साथ भी खाया जाता है। इसका स्वाद बटर में तले पाव जैसा होता है.
  2. बाकरखानी- ईद पर बनने वाली डिशेज में बाकरखानी भी काफी स्पेशल है। यह मैदे, सूखे मेवे और मावे की बनती है। तंदूर या ओवन में सिकी बाकरखानी को सूखे मेवे, किशमिशस और काजू के साथ परोसा जाता है। इसे दूध के साथ भी खाया जाता है।
  3. अंगूरदाना- अंगूरदाना उड़द की दाल से बनने वाली मोटी बूंदी है। यह मीठी होती है। इसे दूसरे सभी व्यंजनों के साथ परोसा जाता है।
  4. दूध फेनी- ईद पर सिवइयां और फेनी अच्छे-अच्छों के मुंह में पानी ला देती है। सिवइयों और फेनी में बुनियादी फर्क यह है कि फेनी तार के गुच्छे की तरह होती है। इसे बनाने में ज्यादा मेहनत लगती है। इसे घी में तला जाता है। यह रंगीन भी मिलती है।
  5. मीठी सिवइयां- मीठी ईद पर सिवइयां लगभग सभी मुस्लिम परिवारों में बनाई जाती है। मैदे से बनी सिवइयां को दूध में बनाया जाता है। इसमें कई तरह के ड्राई फ्रूट्स भी डाले जाते हैं।
Malda Aam

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