इंटरनेशनल फायर फाइटर्स डे पर कीजिए सलाम अज्ञात वीरों को

4 मई को हर साल नेशनल फायर फाइटर्स डे अग्निशामक दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन अग्निशामकों (firefighters) को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है जो बस हमारे एक कॉल पर अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य उन सभी सेवाओं के लिए अग्निशामकों को धन्यवाद देना है।

अग्निशामक समाज के संरक्षक हैं। वो हमारे जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं। कभी-कभी अग्निशामकों का काम इतना खौफनाक होता है कि वे एक रक्षाहीन जानवर को बचाने के लिए जलते जंगल में पेड़ पर भी चढ़ जाते हैं। इस तरह की बहादुरी भरे कारनामें अग्निशामकों के रोजमर्रा जीवन का हिस्सा हैं। लेकिन वह यह चैलेंज रोज लेते हैं और उसे बेखौफ होकर पूरा करते हैं। वह हमारे लिए हमारे जीवन के रक्षक हैं लेकिन वह इसे सिर्फ अपना कर्तव्य समझते हैं। आज का दिन दुनिया भर की ऐसी कई औरतों और मर्दों की हिम्मत और साहस को मनाने के लिए है। आज का दिन पूरी दुनिया को अग्निशामकों के त्याग और बलिदान का एहसास दिलाने के लिए मनाया जाता है। हमारे पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को धन्यवाद देने के लिए मनाया जाता है। आज के दिन हम उन अग्निशामकों को भी याद करते हैं जो हमारी सुरक्षा करते हुए अपनी जान गवां चुके हैं। हम उन्हें उनकी निर्भयता से कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। आज के दिन लोग लाल और ब्लू रिबन लगा कर अग्निशामकों के साहसी कार्यों के लिए लोगों में जागरूकता फैलाते हैं। अपना कर्तव्य निभाने के दौरान घायल हुए घायल हुए अग्निशामकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए लोग चैरिटी करते हैं।

कैसे हुई इंटरनेशनल फायरफाइटर्स डे मनाने की शुरुआत-

प्राचीन मिस्र में पहला संगठित पेशेवर अग्निशामक संरचनात्मक आग का मुकाबला करने के लिए था। लेकिन उस समय अग्निशामक निजी कंपनियों के लिए काम करते थे और केवल उन लोगों को सेवाएं प्रदान करते थे जो उसका खर्च उठा सकता था। बाद में प्राचीन रोम में सीज़र ऑगस्टस ने अग्निशमन में क्रांतिकारी बदलाव किया था।जिसमें अग्नि रक्षकों का फिर से निर्माण किया गया, जिन्हें विजिल्स के रूप में जाना जाता था। उनका खर्च राज्य द्वारा उठाया जाता था।

1999 में अग्निशामक दिवस तब बनाया गया था जब विक्टोरिया ऑस्ट्रेलिया के लिंटन में एक जंगल की आग के दौरान पांच अग्निशामकों की दुखद मृत्यु हो गई थी। वे हवा की दिशा में अचानक परिवर्तन के कारण की लपटों में घिर गए और अपनी जान गवां दिए थे।

4 मई को ही क्यों मनाया जाता है अग्निशामक दिवस-

यह 4 मई को मनाया जाता है क्योंकि इस दिन संत फ्लोरियन दिवस भी मनाया जाता है। संत फ्लोरियन रोमन बटालियन के पहले कमांडिंग अग्निशामकों में से थे। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई थी। एक बार उन्होंने पुराने रूम में जलते हुए गांव को बचाया था। उन्हीं की मृत्यु तिथि को अग्निशामक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Malda Aam

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