Watch: मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा यह गाना भोजपुरी संगीत के बारे में आपकी सोच बदल देगा

बिहार और गीत संगीत का रिश्ता काफ़ी पुराना रहा है, मगर हाल के वर्षों में अश्लील और फूहड़ भोजपुरी गानों की वजह से बिहार की छवि काफ़ी धूमिल हुई है। लोगों के दिमाग में बिहारी गानों का मतलब सिर्फ़ घटिया गाने हैं जिनका बिहार की संस्कृति और साहित्य से कोई वास्ता नहीं है।

मगर भोजपुरी गानों की छवि बर्बाद होने से पहले भारत के काफी बड़े-बड़े दिग्गज कलाकार भोजपुरी के लिए काम कर चुके हैं। मोहम्मद रफ़ी और लता मंगेशकर जैसे चोटी के गायकों ने भोजपुरी गानों को अपनी आवाज़ दी है और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे बड़े शायर ने भोजपुरी में गीत लिखा है। ताज्जुब की बात है कि उस ऊंचाई पर होने के बावजूद आज भोजपुरी की दशा ऐसी हो गयी है कि इन गानों को फूहड़ता का पर्याय मान लिया गया है। मगर अभी भी कुछ लोग हैं जो बिहार के क्षेत्रीय गानों की दशा सुधरने के लिए प्रयासरत हैं और बढ़िया काम भी कर रहे हैं।

इन्हीं प्रयासों में से एक है यूट्यूब चैनल बेजोड़ द्वारा बनाया गया, क्लासिक भोजपुरी गीत ‘जा जा रे, सुगना जा रे’ का आधुनिक वर्ज़न, जिसको आवाज़ दी है राज मोहन ने। यह गीत 1963 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘लागी नाहीं छूटे रामा’ का है जिसको मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा था और और चित्रगुप्त ने संगीत दिया था। स्वर कोकिला लता मंगेशकर और तलत महमूद ने अपनी आवाज़ से इस गीत को जीवंत बना दिया था।

‘जा जा रे, सुगना जा रे’ का ओरिजिनल वर्ज़न

उम्मीद है कि इसी तरह भोजपुरी जैसे क्षेत्रीय भाषाओँ में हमें अच्छा गीत-संगीत सुनने को मिलते रहेगा और बिहारी संस्कृति को नया आयाम देगा।

Do you like the article? Or have an interesting story to share? Please write to us at [email protected], or connect with us on Facebook, Instagram and Twitter and subscribe us on Youtube.


Quote of the day: “One good thing about music, when it hits you, you feel no pain.” 
– Bob Marley

Also Watch:

Comments

comments