लद्दाख़ में बसा मिनी बिहार जहाँ गूँजते हैं भोजपुरी गीत

कहते हैं दुनिया गोल है. आज के दौर में आप किसी भी कोने में चले जाइए, आपको वहाँ किसी दूसरे छोर से आए लोग मिल ही जाएँगे. मेरे लद्दाख़ दौरे के दौरान भी ऐसा ही हुआ. आमतौर पर वहाँ मुझे या तो स्थानीय लोग दिखे या विदे...
जबरिया जोड़ी

“जबरिया जोड़ी दहेज की दिक्कत से लड़ती फिल्म है” : फिल्म के लेखक संजीव झा से खास बातचीत

बिहार के लोग देश-विदेश में अपनी मेहनत की बदौलत सफलता का परचम लहराते रहे हैं। चाहे वह सिनेमा हो, साहित्य, राजनीति या अन्य कोई भी क्षेत्र हो, बिहारी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने को हमेशा तत्पर रहते हैं। बॉलीवुड की बात...

पटना में बिहारनामा | भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि पर व्याख्यान, बतकही और गायन का संगम

बिहार की संगीत परंपरा पर व्याख्यान देंगे नॉर्वे से आ रहे मशहूर चिकित्सक—लेखक प्रवीण झा लोकगीतों में स्त्रियों के मजबूत स्वरवाले विशेष गीतों का गायन करेंगी चंदन तिवारी इस बार भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि यानी द...

एक गर्भवती के मन की उथल – पुथल को दर्शाती एक कविता बिहार से

बिहार की लेखनी हर वक्त और दौर में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है। कविता को आज के दौर में नये तरीकों से लिखा जाना और समाज के सोच पर कटाक्ष करना लेखनी द्वारा लाया जा रहा बदलाव है। वैसे ही आज 'एक कविता बिहार स...

साहित्यकार, नाटककार, अभिनेत्री और कैंसर पर फ़तेह पाने वाली विभा रानी की प्रेरणात्मक कहानी

"किसी भी रचनाकार, चाहे वह कोई कवि-कहानीकार हो या नाटककार, उसका काम निष्कर्ष देना नहीं होता। वह कई स्तरों पर विषय को विश्लेषित करते हुए एक ऐसे बिंदु पर पहुंचता है कि लगे मानो वह कोई संदेश देना चाहता है, लेकिन यह...