पंजवार, Bihar,आखर सम्मलेन, Bhojpuri Bhojpuri samman, Aakhar

सीवान के पंजवार गांव में तीन दिसंबर को लगेगा भोजपुरी साहित्य और संस्कृति का जमावड़ा

हर साल सर्दियां शुरू होते ही साहित्य महोत्सवों का दौर शुरू हो जाता है। जयपुर लिट् फेस्ट, दिल्ली साहित्य महोत्सव और रेख़्ता जैसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में देश भर से हज़ारों लोग जुटते हैं एवं साहित्य का जश्न मनाते ...
भोजपुरी शार्ट फ़िल्म 'दान', Bhojpuri short film, PatnaBeats

बालिका शिक्षा और रक्तदान का संदेश फैलाती भोजपुरी शार्ट फ़िल्म ‘दान’

अक्सर ऐसा होता है कि ज़िन्दगी में कुछ ऐसे छोटे छोटे अनुभव होते हैं जो आपको अंदर तक छू जाते हैं। इन अनुभवों का प्रभाव ऐसा होता है कि आप और आपकी सोच मूल रूप से हमेशा के लिए बदल जाती है। एक ऐसा ही अनुभव है राजू उपा...

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को सुनिए ये भोजपुरी गाना

आज अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जा रहा है। 2000 से हर साल की 21 फरवरी को विश्वव्यापी तौर पर मनाया जाने वाला ये दिवस हर भाषा के महत्त्व और  बहुसंस्कृतिवाद के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता ...
माँ, माटी और माइग्रेशन

प्रवासी बिहारियों के दिल की पुकार : माँ, माटी और माइग्रेशन

हाल के दिनों में बिहारी भाषाओँ, ख़ास तौर पर भोजपुरी में साफ़ सुथरे और अच्छे स्तर के गानों एवं शॉर्ट फिल्मों की नयी खेप आने लगी है। इन सारे कंटेंट को इंटरनेट और सोशल मीडिया एक बड़ा और सर्वव्यापी प्लेटफार्म प्रदान क...

भिखारी ठाकुर के जरिये बुझिए हिंदी समाज की अगराहट, इतराहट, इठलाहट

18 दिसंबर भिखारी ठाकुर की जयंती पर विशेष आज भिखारी ठाकुर की जयंती है. नजर दौड़ाइये, कई जगहों पर खास आयोजन होते हुए मिलेंगे. भिखारी ठाकुर के गांव कुतुबपुर, पटना, बोकारो, रांची, गाजीपुर से लेकर दिल्ली तक. यह अच्छ...
भोजपुरी, bhojpuri, PatnaBeats

भोजपुरी सिनेमा निराशाजनक वर्तमान से आशान्वित भविष्य की ओर

This article has been written by Nitin Neera Chandra "भोजपुरी फिल्म" । ये दो शब्द एक ऐसा वाक्य बना देते हैं जिसके बारे में लोग अलग अलग राय रखते हैं । अमूमन एक भाव सबके अंदर आता है । "अश्लील" या "फूहड़" । मैं उ...

भोजपुरी संगीत के अच्छे दिनों की याद दिलाता “होली हमरा ना भावे”

नबीन चंद्रकला कुमार के फेसबुक पोस्ट से साभार : फगुआ के गीतन में विविधता बा , फगुआ माने खलिहा जोगीरा आ कबीरा ना ह , फगुआ मे बिरह बा ठिठोली बा महीनी बा बोलबाजी बा । फगुआ के गीतन में सामाजिकता बा , धार्मिक सनेश ब...
बापू

जे भूल गइल बापू के उनका खातिर घुप्प अन्हरिया बा | एक कविता बिहार से

2 अक्टूबर है आज, भारत का एक और राष्ट्रीय पर्व, जो मनाया जाता है बापू के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में| आज देश के दूसरे तथा सफलतम प्रधानमंत्रियों में से एक श्री लाल बहादूर शास्त्री जी का भी जन्मदिवस है| पटनाबीट्स इन ...
गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना

गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना | एक कविता बिहार से

गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना| बउरहवे लागी ना हो बउरहवे लागी ना|| इनका दुअरवा गउरा सूपवो ना दउरा, हो बउरहवे लागी ना|| गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना| सावन का महीना हो, सोमवारी का पर्व हो...