एक गर्भवती के मन की उथल – पुथल को दर्शाती एक कविता बिहार से

बिहार की लेखनी हर वक्त और दौर में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है। कविता को आज के दौर में नये तरीकों से लिखा जाना और समाज के सोच पर कटाक्ष करना लेखनी द्वारा लाया जा रहा बदलाव है। वैसे ही आज 'एक कविता बिहार स...
दीदारगंज यक्षी

क्या बिहार की मोनालिसा है दीदारगंज यक्षी ?

जिस तरह यूरोप की हर छोटी से छोटी सामान्य सी लगती संरचनाओं को भी युनेस्को (UNESCO) ने विश्व धरोहर का दर्जा दे रखा है, वैसे ही इधर की कला को भी ज़्यादा ही हवा मिल रखा है। मैं यह नहीं कह रहा कि ये चीज़ें उस स्...
प्रशांत सिंह

“मेड इन इंडिया” को बनाने वाले कला के पारखी प्रशांत सिंह की कहानी

मोईन आज़ाद - वे कलाकारों के दिलों में राज करते हैं. देशभर में विलुप्त हो रहे कला व कलाकारों को वे दुनिया के सामने ला रहे हैं. वे मेक इन इंडिया के फाउंडर प्रशांत सिंह हैं. उनके जीवन के बारे में जानकर आप काफी ...
जितवारपुर, jitwarpur, Baua Devi

बिहार ही नहीं, भारत का इकलौता गांव जिसने तीन पद्म श्री पुरस्कार अपने नाम किया

यह बिहार का एक ऐसा गांव है जिसने एक नहीं बल्कि तीन-तीन पद्मश्री पुरस्कार अपने नाम किया है. अभी तीसरा पद्मश्री पुरस्कार बौआ देवी को मिला है. मधुबनी के इस गांव का नाम है जितवारपुर. जिसकी मिट्टी के हर कण में जीत...
प्रतिरोध का सिनेमा: पटना फिल्मोत्सव

आठवां ‘प्रतिरोध का सिनेमा: पटना फिल्मोत्सव’ युद्धोन्माद के खिलाफ केंद्रित होगा

  आठवां ‘प्रतिरोध का सिनेमा: पटना फिल्मोत्सव’ युद्धोन्माद के खिलाफ केंद्रित होगा। 4 दिसंबर को अपराह्न 2 बजे कालिदास रंगालय में मशहूर वैज्ञानिक, शायर और फिल्मकार गौहर रजा इस त्रिदिवसीय फिल्मोत्सव का उद्घाटन करे...