CHOWTAL: The lost tune once sang to herald Holi deserves a revival

Source: Getty Images " पपीहा बन बैन सुनावे नींद नहीं आवे।।  आधीरात भई जब सखिया कामबिरह संतावे।।  पियबिन चैन मनहि नहीं आवत,  सखि जोबन जोर जानवे ।।१।।  फागुन मस्त महीना सजनी पियबिन मोहिं न भावे । ...

भिखारी ठाकुर के पुण्यतिथि पर लोक संस्कृति का समागम

भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर के पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को पटना के बिहार संग्रहालय में ‘बिहारनामा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भोजपुरी नाट्य कला एवं साहित्य में भिखारी ठाकुर के योगदान पर...

पटना में बिहारनामा | भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि पर व्याख्यान, बतकही और गायन का संगम

बिहार की संगीत परंपरा पर व्याख्यान देंगे नॉर्वे से आ रहे मशहूर चिकित्सक—लेखक प्रवीण झा लोकगीतों में स्त्रियों के मजबूत स्वरवाले विशेष गीतों का गायन करेंगी चंदन तिवारी इस बार भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि यानी द...

एक गर्भवती के मन की उथल – पुथल को दर्शाती एक कविता बिहार से

बिहार की लेखनी हर वक्त और दौर में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है। कविता को आज के दौर में नये तरीकों से लिखा जाना और समाज के सोच पर कटाक्ष करना लेखनी द्वारा लाया जा रहा बदलाव है। वैसे ही आज 'एक कविता बिहार स...
दीदारगंज यक्षी

क्या बिहार की मोनालिसा है दीदारगंज यक्षी ?

जिस तरह यूरोप की हर छोटी से छोटी सामान्य सी लगती संरचनाओं को भी युनेस्को (UNESCO) ने विश्व धरोहर का दर्जा दे रखा है, वैसे ही इधर की कला को भी ज़्यादा ही हवा मिल रखा है। मैं यह नहीं कह रहा कि ये चीज़ें उस स्...