Maa

माँ और बेटी की अलग धारणा के बीच छुपे प्यार को दर्शाती एक कविता बिहार से

भागलपुर की ऐश्वर्य राज दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा है। मिरांडा हाउस से दर्शनशास्त्र में स्नातक कर रहीं है। अपनी कविताओं से पितृसत्ता समाज की रूढ़िवादी सोच पर सवाल करतीं है। उनका मानना है ,जीवन और साहित्य को ब...
समानता

‘एक कविता बिहार से’ में आज प्रस्तुत है एक गृहणी की कविता

कविताओं को लिखना और पढ़ना अपने-आप में एक कला है। आज बिहार से नए दौर में अनेक तरह के कविता लेखन को देखा जा रहा है। वही गृहणियों में भी कविताओं और कहानियों का शौक कम नहीं हुआ है , इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम ...

देसीपन की मिठास लिए ‘एक कविता बिहार से’ में चेतन कश्यप की भोजपुरी कविता

कविताएं ज़िन्दगी का सारांश लिखने का सबसे अच्छा माध्यम है और शायद इसीलिए कविताओं की यह खासियत होती है कि बड़े से बड़े घटनाक्रम को चंद पंक्तियों में बयान कर देती हैं। 'भाषा', उन्हीं कविताओं को किसी खास जगह से जोड...

एक गर्भवती के मन की उथल – पुथल को दर्शाती एक कविता बिहार से

बिहार की लेखनी हर वक्त और दौर में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है। कविता को आज के दौर में नये तरीकों से लिखा जाना और समाज के सोच पर कटाक्ष करना लेखनी द्वारा लाया जा रहा बदलाव है। वैसे ही आज 'एक कविता बिहार स...
Ek Kavita Bihar Se

नारी की स्थिति को दर्शाती , शेफालिका वर्मा की एक कविता बिहार से

शेफालिका वर्मा मैथिली की प्रतिष्ठित लेखिका हैं, जिन्होंने पद्य एवं गद्य की विभिन्न विधाओं में समान रूप से अपनी लेखनी चलाई है। वे हिंदी एवं अंग्रेजी में भी लिखती हैं। एक लेखिका एवं ...
दुनिया ऐसी हुआ करती थी , एक कविता बिहार से

दुनिया ऐसी हुआ करती थी | एक कविता बिहार से

“ओ माँ! ये दुनिया तेरे आँचल से छोटी है|”   ये पंक्तियाँ हैं नीलोत्पल मृणाल जी की, जिनकी पहचान एक उपन्यासकार के रूप में स्थापित हो रही है| अप्रेल 2015 में प्रकाशित इनकी पहली ही पुस्तक ‘डार्क हॉर्स’ के...

हमसे हमारा नाम ले हमको तुम्हारा नाम दे दो | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स पर  एक कविता बिहार से  में आज की कविता आई है पाठकों के बीच से| अनुराग कश्यप ठाकुर जी सीतामढ़ी जिले के रीगा गाँव से हैं| इंजीनियरिंग कर चुके हैं और अब घर से दूर दिल्ली में बसेरा है| कवितायें लिखने के शौ...
झारखण्ड की एक लड़की

झारखण्ड की एक लड़की | एक कविता बिहार से

इन्हें दूरदर्शन पर एंकरिंग करते हुए देखा करते हैं| 13 वर्षों तक लगातार दिल्ली से गणतंत्र दिवस परेड का आँखों देखा हाल सुनाने का गौरव हासिल कर चुकी हैं| ये लेखिका हैं और कवयित्री भी| कवि...
इन सड़कों पे

इन सड़कों पे | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स पर "एक कविता बिहार से" में आज एंट्री ले रहे हैं निदेशक श्री नितिन चंद्रा जी। 'मिथिला मखान' बनाकर राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं। 'देसवा' बनाकर साबित किया था इन्होंने कि भोजपुरी 'अश्लीलता' से कितनी दूर...
हाइकु, ऋतु पल्लवी के 15 हाइकु | एक कविता बिहार से

ऋतु पल्लवी के 15 हाइकु | एक कविता बिहार से

हाइकु! काव्य की एक अलग विधा| हो सकता है आप इसके बारे में जानते हों, हो सकता है बिल्कुल न जानते हों| अगर न जानते हों तो हाइकु से एक छोटा-सा परिचय आपको यहाँ हाइकु पढ़ने के बाद मिलेगा| लेकिन कौन है आज ‘एक कविता बि...
नेहा नूपुर

तुम्हें मनकों से हार बनाना है | एक कविता बिहार से

‘एक कविता बिहार से’ के सफर की शुरुआत को दो महीने हो गये| इस सफ़र में आपका जो साथ मिला, सराहनीय रहा| जैसा कि हमने निर्णय लिया था, आखिरी पोस्ट मेरी, यानि आपके होस्ट की, अर्थात् नेहा नूपुर की होगी; उसी वादे को पू...