आंइस्टीन को चुनौती देने वाले बिहार के इस गणितज्ञ पे फिल्म बनाएंगे प्रकाश झा


दूसरे राज्यों में अक्सर बिहारियों का उनकी अंग्रेजी के वजह से मज़ाक बनाया जाता रहा है मगर एक ऐसा विषय भी है जिसमे सिर्फ देश हीं नहीं बल्कि पूरी दुनिया बिहार का लोहा मानती है और वो है – मैथ्स यानि गणित। बिहारियों के प्रति एक मान्यता रही है कि बिहारी है तो मैथ्स में अच्छा होगा ही। इसी धारणा को चरितार्थ करते हैं हमारे बिहार की धरती पर जन्मे गणितज्ञ जिनके बारे में ये तक कहा जाता है कि नासा में अपोलो की लॉन्चिंग से पहले जब 31 कंप्यूटर कुछ समय के लिए बंद हो गए तो कंप्यूटर ठीक होने पर उनका और कंप्यूटर्स का कैलकुलेशन एक था। जी हाँ हम बात कर रहे हैं डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह की।\

डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह एक भारतीय गणितज्ञ हैं। उनका जन्म बिहार के भोजपुर जिले के बसंतपुर नाम के गाँव में हुआ। पटना सायंस कॉलेज में पढ़ते हुए उनकी मुलाकात अमेरिका से पटना आए प्रोफेसर कैली से हुई। उनकी प्रतिभा से प्रभावित हो कर प्रोफेसर कैली ने उन्हें बर्कली आ कर शोध करने का निमंत्रण दिया। 1963 में वे कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में शोध के लिए गए। 1969 में उन्होने कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में पी.एच.डी. प्राप्त की। चक्रीय सदिश समष्टि सिद्धांत यानि Cyclic Vector Macro Theory पर किये गए उनके शोध कार्य ने उन्हें भारत और विश्व में प्रसिद्ध कर दिया। हालांकि वे अभी मानसिक बीमारी सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित हैं, मगर वे ऐसी शख्सियत हैं, जिन्‍होंने आंइस्टीन के सापेक्षिकता के सिद्धांत (Theory of relativity) को चुनौती दी थी।

अब खबर है की उनके जीवन पर जल्‍द ही एक फिल्‍म बनने वाली है, जिसकी घोषणा आज पटना के होटल मौर्या स्थित बॉलीवुड ट्रीट रेस्‍तरां में आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में फिल्‍म की प्रोड्यूसर प्रीति सिन्‍हा, को- प्रोड्यूसर नम्रता सिन्‍हा व अमोद सिन्‍हा ने की। प्रीति सिन्‍हा ने कहा कि डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह की बायोपिक को लोगों को सामने आना चाहिए, ताकि लोग उन्‍हें जान सकें। इसलिए हम उनकी अनटोल्‍ड स्‍टोरी को हम बायोपिक के जरिये पर्दे पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए हमने उनके परिवार से राइट ले लिया है और उनकी बायोपिक को बिहार के ही जाने माने निर्देशक प्रकाश झा निर्देशित करेंगे। फिलहाल हम इसकी कास्टिंग पर काम कर रहे हैं, जिसकी घोषणा भी हम आर्टिस्‍ट के कंफर्मेशन के बाद करेंगे। उनकी बायोपिक का निर्माण “रील लाइफ इंटरटेंमेंट” “विनय पिक्‍चर्स” के साथ मिल कर करेगी।


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प्रकाश झा जाने माने हिंदी फिल्म निर्देशक हैं। बन्दिश, मृत्युदंड, राजनीति, अपहरण, दामूल, गंगाजल, टर्निंग 30 आदि उनकी कुछ प्रमुख फ़िल्मों में से हैं। निर्माता निर्देशक,पटकथा लेखक, प्रकाश झा ऐसे फिल्मकार हैं, जो फिल्मों के माध्यम से सामाजिक- राजनीतिक बदलाव की उम्मीदें लेकर हर बार बॉक्स ऑफिस पर हाजिर होते हैं। गौरतलब है कि प्रकाश झा बिहार का एक स्याह पक्ष दिखाने के लिए मशहूर हैं जिससे काफ़ी हद तक बिहार के बारे में लोगों में एक नकारात्मक राय उत्पन्न होती है। ये पहली दफ़ा होगा जब बिहार की कोई सकारात्मक कहानी प्रकाश झा के द्वारा दर्शकों के बीच जाएगी और इस कहानी का दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार भी रहेगा क्योंकि वशिष्ठ नारायण सिंह जी के अनकहे अफ़सानों को हर कोई सुनना चाहेगा।

बता दें कि प्रोड्यूसर प्रीति सिन्‍हा, को-प्रोड्यूसर नम्रता सिन्‍हा व अमोद सिन्‍हा के पिता विनय कुमार सिन्‍हा हैं, जो सलमान खान और आमिर खान स्‍टारर ब्‍लॉक बस्‍टर फिल्‍म ‘अंदाज अपना अपना’ को प्रोड्यूस किया था। विनय कुमार सिन्‍हा गणितज्ञ डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह की बायोपिक में भी शामिल हैं। बिहार में शूटिंग के सवाल पर प्रीति ने कहा कि ये प्रकाश झा तय करेंगे। उन्‍हें फिल्‍म का कंसेप्‍ट पसंद आया है, इसलिए उन्‍होंने हमें हामी भरी है। फिल्‍म का मुहूर्त बिहार में ही होगा।

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Quote of the day: “If you're gonna burn a bridge behind you, make sure you've crossed it first.” 
― Quentin R. Bufogle

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