जानिए क्या है खास इस साल के पटना पुस्तक मेला में

पटना में 32 वर्षों से लगने वाले पुस्तक मेला का इस बार 24 वां आयोजन है। भारत में लगने वाले कई बड़े पुस्तक मेलों में से एक है ये पुस्तक मेला। इस बार का पुस्तक मेला गत वर्षों से काफी भिन्न नजर आएगा। जिसके कई कारण और पहलू है।

इस बार का पुस्तक मेला एक अभ्यास है 25 वें पुस्तक मेला का जो कि अन्तराष्ट्रीय होने वाला है। इसी साल फरवरी में हुए पुस्तक मेला में माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया था कि अब पटना में अंतराष्ट्रीय पुस्तक मेला होगा। इसके लक्षण दिखने लगे है । इस बार खुद बिहार सरकार पुस्तक मेला में सहभागिता निभा रही है। इसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार करेंगे । जिसकी जानकारी सीआरडी के अध्यक्ष रत्नेश्वर सिंह ने दी।

वैसे इस बार का पुस्तक मेला गांधी मैदान से हटकर ज्ञान भवन में शिफ्ट हो गया है। इसके साथ ही इस बार का बुक फेयर थीम है  नारी सशक्तिकरण  जिसका टैग लाइन है “नारी को सामर्थ्य दो, दुनिया बदलेगी” । पहली बार ये बुक फेयर कलर बेस्ड हो रहा है । इस बार का रंग चुना गया है “पिंक“। पटना पुस्तक मेला के संयोजक अमित झा ने बताया कि लड़कियों और महिलाओं पर केंद्रित इस पुस्तक मेला का उद्देश्य आधी आबादी में आत्मविश्वास, सामर्थ्य और शक्ति के रंग भरने का है। 2 तारीख से शुरू होने वाला मेला 11 तारीख तक चलेगा यानी पिछले बार से 2 दिन ज्यादा। इसके अंतर्गत लकड़ियों और महिलाओं की रचनात्मकता, सृजन, समस्या, और समाधान पर आधारित कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया गया है।

पुस्तक मेला की शुरुआत राजनीति में महिलाओं की भागीदारी पर केंद्रित कार्यक्रम से होगी और इसके साथ कई विभिन्न तरह के कार्यक्रम होंगे। इस बार कविता पाठ भी सिर्फ युवा कवित्रियों का ही रखा गया है ताकि उन्हें ज्यादा मौका मिल सके । लंदन में हिंदी पर शिखा वार्ष्णेय और  मनीषा प्रकाश रहेंगी। गीताश्री से उनकी नई किताब पर बातचीत होगी। यात्रा पे गयी लड़की की दास्तान से लेकर कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। राष्ट्रवाद पर उर्मिलेश और कृष्णकांत ओझा बात करने के लिए रहेंगे । अंतिम दिन “हिम्मत का रंग पिंक” नामक आयोजन है । इसके साथ ही युवा लोगों के लिए 2 दिन की कविता की कार्यशाला रखी गयी है जिसमें संजय कुंदन और आलोक धन्वा युवाओं को बताएंगे कि कविता कैसे लिखी जानी चाहिए । इसके साथ ही कई प्रोग्राम, नुक्कड़ नाटक आदि देखने को मिलेंगे।

इस बार पटना पुस्तक मेला में माई पुस्तक डॉट कॉम की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र होगी । इसके तहत लेखक-विद्वान अपनी किताब दान भी कर सकते है और मुफ्त में पा भी सकते है। इसे बिहार के 4 युवा दिल्ली में रहकर सेवार्थ चलाते है।

इस बार मंच का नाम कस्तूरबा मंच और रशीदन बीबी मंच रखा गया है। इस पुस्तक मेला में लगभग 200 प्रकाशकों के भाग लेने की संभावना है।

ज्ञात हो कि अनेक नई पुस्तकों के विमोचन एंव कई कृतियों का साक्षी रहा पटना बुक फेयर अब नई ऊंचाई छूने जा रहा है। वैसे यहां तकरीबन हर दिन 50,000 पाठक आते हैं और कुल मिलाकर ये संख्या अंत तक 7 लाख तक पहुँच जाती है। इस बार ये संख्या और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।

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Quote of the day:“A room without books is like a body without a soul.” 
 ― Marcus Tullius Cicero

 

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