बिहार की धरती पर रामायण के पद्चिन्ह |

बिहार की धरती पर रामायण के पद्चिन्ह |

बिहार की धरती यूँ तो कई ऐतिहासिक घटनाओं की साक्षी रही है. पर यहाँ हम बात करेंगे रामायण की उन  घटनाओं की  जो बिहार की धरती पर हुई हैं | सर्वप्रथम हम सीता माता के जन्म की बात करेंगे, जैसा की आप सभी जानते हैं सीत...
गंगा-स्तुति

बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे | एक कविता बिहार से

माँ तेरी निर्मलता की दरकार तो है कब तक टालेंगे, कि सरकार तो है!   माँ गंगा की पवित्रता आज भी हर धर्म के लिए पूजनीय है, लेकिन निर्मलता के नाम पर अभी मेरे जेहन में यही पंक्ति बनकर आई| गंगा माँ की स्तुति...
एक ज़िंदा कविता

एक ज़िंदा कविता | एक कविता बिहार से

श्री पवन श्रीवास्तव जी, छपरा जिला के मढौरा में 11 मई 1982 को जन्में| ये बिहार के ऐसे पहले फिल्म मेकर हैं, जिन्होंने इंडिपेंडेंट क्राउड फंडेड फिल्म बनाई, ‘नया पता’ ’| ये फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं और उसी गति से कवितायेँ और ब्लॉग भी लिखते आये हैं| “एक कवित...
हाँ, मैं बिहारी हूँ Photo By Bashshar Habibullah

बाहरी नहीं, बहारी हूँ | एक कविता बिहार से

पाठकों द्वारा भेजी गयी प्रविष्टियों को शामिल करने का समय है| (आप भी अपनी स्वलिखित कवितायेँ, चाहे वो किसी बोली या भाषा की हो, हमें भेज सकते हैं|) तो स्वागत करते हैं, ऐसे ही भेजी गयी इस कविता का, जो हमें श्री विक...
भूल गये क्यों साथी मेरे

भूल गये क्यों साथी मेरे | एक कविता बिहार से

स्व० राम बिलास मिश्र ‘विमल’ जी का जन्म समस्तीपुर के तिसवारा में हुआ| ये सच्चे समाजवादी नेता थे| बिहार सरकार के भवन-निर्माण विभाग में मंत्री भी रहे| लेकिन हमारे सामने उनकी एक और छवि प्रस्तुत हुई है, जो एक कवि की...
साज़िश

जाने क्यों वो काग़ज की नाव मुस्कुराई | एक कविता बिहार से

इस कविता की भूमिका में कुछ भी नहीं| “एक कविता-बिहार से!” में आज सीधे-सीधे मुलाकात कराते हैं बिहार की युवा कवयित्री प्रतिमा सिंह जी की ‘अहा! जिन्दगी’ पत्रिका में प्रकाशित इस रचना से| थोड़ा धैर्य मांगेगी, और फिर आश्चर्य नहीं होगा आपको, वहीं पहुँचेंगे जहाँ यह कवित...