पटना के वो दिन-यादों की कलम से।

सात साल हो गए हैं घर को छोड़े हुए। छोड़ने की वजह – पढाई ,नौकरी ,ट्रेनिंग इत्यादि । इन्ही चक्करों में एक शहर से दुसरे शहर भटकती रही हूँ। लगता है ज़िन्दगी का अच्छा ख़ासा हिस्सा बिता दिया है करियर बनाने की राह में ।...
बिहार शिक्षा बोर्ड

आज विदेशो में भारत के राजदूत हैं, बिहार शिक्षा बोर्ड के ये छह पुराने टॉपर |

कभी ये भी थे बिहार के टॉपर, पटना पहुंचने पर कहा- बिहार की तरक्की चाहते हैं संयोग देखिए। जिस समय बिहार शिक्षा बोर्ड इस साल के टॉपरों की प्रतिभा को फिर से परख रहा था, उसी वक्त पटना में इसी बोर्ड के छह पुराने ट...
Plantation drive, Bihar

More Such Drives | Before it’s Too Late!

Why are trees so important? It reduces the impact of air pollution, resist natural calamities like flood, cleans the air we breathe in, provides us shadow, fruits etc. and the list goes on and on. And yet it didn’t fall in our list of priorities as cleanliness...

तब बग्घी ही पटना के रईसों का वाहन था |

19 वीं सदी के मध्य में पटना शहर का विस्तार पश्चिम दरवाजा के पश्चिम में दूर तक हो चला था। नए शहर के वाशिंदे, जिनमें यूरोपियन और संपन्न स्थानीय निवासी थे, की निर्भरता अलग अलग जरूरतों के लिए पुराने शहर पर थी और पुराने शहर के वाशिंदों का सरकारी दफ्तरों और शिक्षण...