गंगा-स्तुति

बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे | एक कविता बिहार से

माँ तेरी निर्मलता की दरकार तो है कब तक टालेंगे, कि सरकार तो है!   माँ गंगा की पवित्रता आज भी हर धर्म के लिए पूजनीय है, लेकिन निर्मलता के नाम पर अभी मेरे जेहन में यही पंक्ति बनकर आई| गंगा माँ की स्तुति...

Guess who am I? #2

When you put the symbol ‘#’ and place a number adjacent to it ‘#1’, you are certain that there will be more numbers coming up, its definitive. But what’s not, is the ‘when’ part. PatnaBeats brings to you another 6 extraordinary people who have made us all v...
एक ज़िंदा कविता

एक ज़िंदा कविता | एक कविता बिहार से

श्री पवन श्रीवास्तव जी, छपरा जिला के मढौरा में 11 मई 1982 को जन्में| ये बिहार के ऐसे पहले फिल्म मेकर हैं, जिन्होंने इंडिपेंडेंट क्राउड फंडेड फिल्म बनाई, ‘नया पता’ ’| ये फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं और उसी गत...
हाँ, मैं बिहारी हूँ Photo By Bashshar Habibullah

बाहरी नहीं, बहारी हूँ | एक कविता बिहार से

पाठकों द्वारा भेजी गयी प्रविष्टियों को शामिल करने का समय है| (आप भी अपनी स्वलिखित कवितायेँ, चाहे वो किसी बोली या भाषा की हो, हमें भेज सकते हैं|) तो स्वागत करते हैं, ऐसे ही भेजी गयी इस कविता का, जो हमें श्री विकास कुमार जी ने भेजी है| विकास जी बिहारी हैं, आरा स...
भूल गये क्यों साथी मेरे

भूल गये क्यों साथी मेरे | एक कविता बिहार से

स्व० राम बिलास मिश्र ‘विमल’ जी का जन्म समस्तीपुर के तिसवारा में हुआ| ये सच्चे समाजवादी नेता थे| बिहार सरकार के भवन-निर्माण विभाग में मंत्री भी रहे| लेकिन हमारे सामने उनकी एक और छवि प्रस्तुत हुई है, जो एक कवि की है, एक रचनाकार की है| जनश्रुति के अनुसार, यह कवित...
साज़िश

जाने क्यों वो काग़ज की नाव मुस्कुराई | एक कविता बिहार से

इस कविता की भूमिका में कुछ भी नहीं| “एक कविता-बिहार से!” में आज सीधे-सीधे मुलाकात कराते हैं बिहार की युवा कवयित्री प्रतिमा सिंह जी की ‘अहा! जिन्दगी’ पत्रिका में प्रकाशित इस रचना से| थोड़ा धैर्य मांगेगी, और फिर आ...
Dr. Manas Bihari Verma तेजस, डॉ मानस बिहारी वर्मा

दरभंगा का वैज्ञानिक और लड़ाकू विमान तेजस |

देश के सैन्य विमानन क्षेत्र में बड़ा आयाम तय करते हुए तेजस ने जब बेंगलुरू में उड़ान भरी, तो वहां से मीलों दूर बिहार के दरभंगा में डॉ मानस बिहारी वर्मा की आखें ख़ुशी से चमक उठी। उनका पुराना सपना साकार हो गया था। ...
तुम कहाँ हो?

तुम कहाँ हो ? | एक कविता बिहार से

1916 में गया के मैगरा गाँव में जन्में आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री जी बिहार की साहित्यिक शान में एक और अनमोल रत्न हैं| हिंदी साहित्य से पहले संस्कृत में लिखा करते थे| इन्होंने 2 बार पद्म पुरस्कार लेने से मना कर दिया| मेघगीत, अवंतिका, कानन, अर्पण, तीर-तरंग, रूप-अ...