ध्वजा वंदना

दहक रही है आज भी | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स की ‘एक कविता बिहार से’ की कड़ियों में आप पढ़ रहे हैं देशभक्ति से ओत-प्रोत कवितायें, बिहार की भिन्न-भिन्न भाषाओं/बोलियों में| अब तक मैथिली, भोजपुरी और उर्दू की रचनाएँ आप पढ़ चुके हैं| इसी सिलसिले को आगे ब...
काश

काश | पटना के युवा कार्टूनिस्ट गौरव ने बनायी अपनी पहली फिल्म

11 मिनट की शॉर्ट फिल्म है 'काश...Think Before You Act'  युवा मन को झकझोरती है फिल्म की कहानी आदमी जन्म लेता है. मां की गोद से लुढ़क कर चलना सीखता है, फिसलते-फिसलते जवान हो जाता है, संभलते-संभलते बूढ़ा और फिर लुढ़क कर इस दुनिया को अलविदा कह देता है. लेकिन ह...
बिस्मिल अज़ीमाबादी

तो ‘सरफ़रोशी की तमन्ना..’ एक बिहारी बिस्मिल ने लिखी है !!

है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर, और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर। ख़ून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्क़िल में है, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल अक्सर ये जो ग़ज़ल गाया करते थे, वो आज भी हर हिदुस्तानी के रगों...
Guess who am I?

Guess who am I? #3

PatnaBeats brings to you another 6 extraordinary people who have made us all very proud. So, take out the critical thinker in you, analyze the facts, find out who we are talking about and most importantly, have fun in doing so. It’s GUESS WHO AM I? #3 1)...
बटोहिया

सूतल अमर के जगावे रे बटोहिया | एक कविता बिहार से

30 अक्टूबर 1884 ई० को बिहार के छपरा जिला (दहियावां) में जन्में श्री रघुवीर नारायण जी की कविता बटोहिया के बारे में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी ने कहा था, “बाबु रघुवीर नारायण बिहार में राष्ट्रीयता के आदिचारण...
अश्विनी झा

बिहार के इस यूथ आइकॉन को मिलेगा अटल मिथिला सम्मान!

प्रतिभा हो या हौसला,इसका उम्र से कोई लेना देना नहीं होता। इस बात का जीता जागता सबूत हैं अश्विनी झा जो बेहद कम उम्र में मानवता की सेवा के लिए कई सम्मान पा चुके हैं। पहले वे २२ फ़रवरी को वर्ल्ड स्काउट डे के अवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा लार्ड बेडेन पॉ...
खुदाबक़्श खान

किताबों का आशिक मौलवी खुदाबक़्श खान |

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े ग्रंथालय खुदा बख्श ओरियंटल पब्लिक लाइब्रेरी के संस्थापक खुदाबक़्श खान की जयंती पर जानिये इस लाइब्रेरी के महत्व की कहानी. खुदाबक़्श ओरियेन्टल लाइब्रेरी भारत के सबसे प्राचीन पुस्तकालयों...
भारत माता

भारत माता | एक कविता बिहार से

15 अगस्त, भारत की आजादी का दिन है| क्यों न ये उत्सव पूरे महीने मनाया जाये| इस महीने बिहार के कविओं द्वारा रचित देशप्रेम से ओत-प्रोत कवितायें भी आती रहेंगी आपके सामने, वो भी बिहार के अलग-अलग क्षेत्रिय भाषाओं से ...