Gandhi setu

जब भी जाता हूँ गाँव | एक कविता बिहार से

 इनका नाम मुकेश कुमार सिन्हा है । इनका जन्म 4 सितम्बर 1971बेगुसराय बिहार में हुआ है। वर्तमान में सम्प्रति केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार के प्रथम व्यक्तिगत सहायक है। इनकी एक कविता संग्रह "हमिंग बर्ड" आ चुकी है। अभी हाल में ही "लाल फ्रॉक वाली" नाम से एक लप्...
अनु सिंह चौधरी

मैं कहीं भी रहूं, मेरी जड़े बिहार में ही हैं – अनु सिंह चौधरी

अमेजन पर कोई किताब ढूंढते ढूंढते एक किताब पर नजर पड़ी “नीला स्कार्फ”। जिज्ञासा जागी की एक स्कार्फ पर पूरी किताब में क्या लिखा होगा किसी ने। लेखिका का नाम था “अनु सिंह चौधरी”। किताब आर्डर कर दी,पढने पर बिहार की ख...
उमेश पासवान

मिलिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार पाने वाला चौकीदार कवि उमेश पासवान से

पटना से, बीबीसी हिन्दी के लिए "हम नवटोली गांव के चौकीदार हैं. गांव के माहौल में जो देखते हैं, वो लिख देते हैं. कविता मेरे लिए टॉनिक की तरह है. " बातचीत के दौरान 34 साल के उमेश पासवान ये बात कई बार दोहराते हैं. उमेश पासवान को उनके कविता संग्रह 'वर्णित रस' ...
डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह

आंइस्टीन को चुनौती देने वाले बिहार के इस गणितज्ञ पे फिल्म बनाएंगे प्रकाश झा

दूसरे राज्यों में अक्सर बिहारियों का उनकी अंग्रेजी के वजह से मज़ाक बनाया जाता रहा है मगर एक ऐसा विषय भी है जिसमे सिर्फ देश हीं नहीं बल्कि पूरी दुनिया बिहार का लोहा मानती है और वो है - मैथ्स यानि गणित। बि...

मेरा—तेरा किसके हिस्से का कितना सावन ?

विमलेन्दु सिंह : जब मंद शीतल पवन चलने लगे...आसमान में बादल घुमड़ने लगे...बादलों से बरसती बूंदें आपके तन—मन को भिगोने लगे... दादुर की किलोर...कोयल की कूक और पपीहे की पीहू—पीहू के साथ ही मोर पंख उठाकर नाच उठे, तो जनाब का अंदाजा ठीक है, सावन आ चुका है. जब धरती...