Bihari, Bihar

To Bihari, or not to Bihari

Shipra Chandra- As an individual who has spent most of her adult life living out of Bihar, I find it amusing how people form perceptions of what a Bihari is supposed to look like based solely on popular media’s depiction of us and a certain Mr. Yadav. Not on...
world sparrow day

विश्व गौरैया दिवस पर रश्मि शर्मा की ‘ओ री गौरैया’ | ‘एक कविता बिहार से’

गौरैया का हमारे समाज में बेहद अहम स्थान रहा है। हमारे रोशनदानों, आँगन के झरोखों से होते हुए कब गौरैया ने हमारे किस्से कविताओं का हिस्सा हो गई हमें पता भी नहीं चला। आज विश्व गौरैया दिवस है और यह बताने की ज़रूरत न...
satyam verma

ज़िन्दगी के आपाधापी की खामियां गिनाती राजेश कमल की ‘एक कविता बिहार से’

राजेश कमल का जन्म सहरसा में हुआ और फ़िलहाल पटना में रहते हैं। समाज से काफ़ी जुड़े होने के कारण उनकी कविताओं में प्रेम, समाज, देश, राजनीति के मानवीय भावनाओं का समावेश दिखता है। समकालीन परिस्थितियों को राजेश शब्दों ...

औरतों की हालत पर सवाल उठाती कविता ‘हमारे समाज से’ | एक कविता बिहार से

पटना के आयुष सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है एवं बी.एन. कॉलेज के छात्र हैं। आजकल के स्मार्टफोन जेनेरशन से आने के बाद भी 'अबोध बालक' के तख़ल्लुस में लिखने वाले आयुष, कविता की पुरानी शैली को जीवित रखे हुए है। इनकी कवितायों में आपको संदेश, प्रेरणा और आत्मबोध का मिलाप...