राइडर राकेश

राइडर राकेश, वो बिहारी जो साइकिल पे निकला है लिंग-भेद मिटाने

  गीता, तिनम्‍मा, शांति, हसीना हुसैन और राजलक्ष्‍मी. कर्नाटक के इन तेज़ाब पीडितों में से हसीना हुसैना (हरे लिबास में) के अलावा बाकी सबको उनके पतियों ने तेज़ाब में धोया. तिनम्‍मा की गोद में तीन महीने का...
अविनाश दास

मोहल्ला से मुम्बई तक । जानिए अविनाश दास और उनके सफर की कहानी, उन्ही की ज़ुबानी

अब तक पेशे से पत्रकार रहे अविनाश दास अब "अनारकली ऑफ़ आरा" के जरिये अपनी दूसरी पारी फिल्म निर्देशक के रूप में शुरू करने जा रहे हैं। इनकी शाखाएं भले ही मायानगरी मुम्बई  पहुँच चुकी है लेकिन इनकी जड़ें बिहार में ही ह...