प्लेटफॉर्म पर पढ़ाई से मिलती नौकरी की रेल

-मनीष शांडिल्य सासाराम जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक की इलेक्ट्रॉनिक घड़ी तब करीब साढ़े चार बजे का वक्त बता रही थी जब मैं बीते हफ्ते वहां पहुंचा था. तब तक प्लेटफॉर्म के पूर्वी छोर पर क़रीब आधा दर्जन जगहों पर ...
इन सड़को पे..

इन सड़कों पे..

सुन्न से मिजाज़, शिथिल से शरीर में, सोयी आत्माओं को, देखता हूँ विचरते इन सड़कों पे खोता है धैर्य, रोता है मन, जब देखता हूँ अराजकता को संवरते इन सड़कों पे   ना आँख में नूर, ना चेहरे पर इनके चमक, ...

पंकज त्रिपाठी | गाड़ी चल पड़ी

गैंग्‍स ऑफ वासेपुर के बाद पंकज त्रिपाठी पहचान में आए। धीरे-धीरे उन्‍होंने अपनी जगह और साख बना ली है। सीमित दृश्‍यों की छोटी भूमिकाओं से सीमित बजट की खास फिल्‍मों में अपनी मौजूदगी से वे दर्शकों को प्रभावित कर ...

बिहार की रितु झा की किताब की मांग देश से बाहर भी

Lord Baden Powell National Award -2016 से सम्मानित बिहार के RAF के  Second-In -Commandant अश्विनी झा के पत्नी रितु झा द्वारा लिखी गयी काव्य संग्रह की पुस्तक "तरंग" की बुकिंग देश से बाहर के भी लोग कर रहे है। रित...

गालिब खां | शिक्षा के प्रसार को बनाया जिंदगी का मकसद

बिहार की महिला करे पुकार शराब मुक्त हो मेरा बिहार इसतरह के छह नारे इन दिनों राज्य भर के सार्वजनिक स्थलों पर आपको दिख जाएंगे। करीब चार लाख 68 हजार से ज्यादा जगहों पर लिखे गए इन नारों में लोगों से शराब छोड़न...