भारत माता

भारत माता | एक कविता बिहार से

15 अगस्त, भारत की आजादी का दिन है| क्यों न ये उत्सव पूरे महीने मनाया जाये| इस महीने बिहार के कविओं द्वारा रचित देशप्रेम से ओत-प्रोत कवितायें भी आती रहेंगी आपके सामने, वो भी बिहार के अलग-अलग क्षेत्रिय भाषाओं से ...
हर बार पहली बार सा है

हर बार पहली बार सा है | एक कविता बिहार से

“दुआएँ जीत जाती हैं उसकी, मेरा ग़म हर बार हार जाता है, वो एक शक्स उदासियों को इस कदर तार-तार करता है|” ‘एक कविता बिहार से’ को आज एक महीने हो गये, मतलब बिहार के कोने-कोने से, नई-पुरानी 15 कवितायें, 15 कड़ियों ...
गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना

गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना | एक कविता बिहार से

गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना| बउरहवे लागी ना हो बउरहवे लागी ना|| इनका दुअरवा गउरा सूपवो ना दउरा, हो बउरहवे लागी ना|| गउरा एतना तपवा कयिलु, तू बउरहवे लागी ना| सावन का महीना हो, सोमवारी का पर्व हो...
औरंगाबाद

विधवा को अछूत कह निकाला था नौकरी से, DM ने कुछ यूं दिलाया न्याय

औरंगाबाद.महिला रसोइए को विधवा बताकर एक स्कूल के हेडमास्टर ने उसे स्कूल से बाहर कर दिया। इसकी शिकायत मिलने पर डीएम कंवल तनुज मंगलवार को मौके पर पहुंचे। पूरे मामले की जांच की और विधवा से खाना बनवाकर पूरे गांव के ...
छतों पर लड़कियाँ

छतों पर लड़कियाँ | एक कविता बिहार से

अलोक धन्वा, हिंदी काव्य जगत में एक और बहुचर्चित और मीडिया में विवादित चेहरा| बिहार के मुंगेर जिले के बेलबिहमा में 1948 ई० में जन्में श्री धन्वा जी क्रांतिकारी कवितायेँ लिखने के लिए जाने जाते रहे हैं| सामाजिक और...
बिहार की धरती पर रामायण के पद्चिन्ह |

बिहार की धरती पर रामायण के पद्चिन्ह |

बिहार की धरती यूँ तो कई ऐतिहासिक घटनाओं की साक्षी रही है. पर यहाँ हम बात करेंगे रामायण की उन  घटनाओं की  जो बिहार की धरती पर हुई हैं | सर्वप्रथम हम सीता माता के जन्म की बात करेंगे, जैसा की आप सभी जानते हैं सीत...
गंगा-स्तुति

बड़ सुख सार पाओल तुअ तीरे | एक कविता बिहार से

माँ तेरी निर्मलता की दरकार तो है कब तक टालेंगे, कि सरकार तो है!   माँ गंगा की पवित्रता आज भी हर धर्म के लिए पूजनीय है, लेकिन निर्मलता के नाम पर अभी मेरे जेहन में यही पंक्ति बनकर आई| गंगा माँ की स्तुति...