अनारकली ऑफ़ आरा

Anaarkali of Aarah: नारी शक्ति का तांडव | एक फिल्म समीक्षा

"अनारकली ऑफ़ आरा", इस फिल्म का इंतज़ार तब से ही था जब से इसका नाम पहली बार सुना था और इस लंबे इंतज़ार के बाद इस फिल्म को देख कर वैसी ही संतुष्टि हुई जैसी कि गर्मी से अकुलाई धरती पहली बारिश के बाद महसूस करती होगी। ...
Bodhisattva International Film Festival, BIFF

बोधिसत्त्व इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल से लौटेगा बिहार का सांस्कृतिक गौरव

लोकरूचि-फेस्टिबल सांस्कृतिक गौरव फेस्टिबल से लौटेगा बिहार का सांस्कृतिक गौरव :गंगा कुमार   पटना 15 फरवरी 2017 : बोधिसत्त्व इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल (बीआईएफएफ) 2017 के चेयरमैन गंगा कुमार का कहना है क...
एक कविता बिहार से

सुकून की तलाश | एक कविता बिहार से

शाम्भवी सिंह का जन्म बिहार के पटना जिले में हुआ है । मूलतः ये नवादा जिले की है लेकिन उनकी प्रारंभिक पढ़ाई लिखाई देवघर में हुई। इन्होंने एनएसएचएम कोलकाता से पत्रकारिता में बीए किया । तत्पश्चात महात्मा गांधी काशी...
Chhath Puja, Bihari Festivals

ये छठ जरूरी है | एक कविता बिहार से

कुमार रजत दैनिक जागरण पटना में डिप्टी चीफ सब एडिटर हैं। पत्रकार होने के साथ खूब कविताएं भी लिखते हैं। अपनी पत्रकारिता में ये पटना शहर के जड़ को ढूंढते रहते हैं। मसलन “हर घर कुछ कहता है” और इसी तरह कई रचनात्...
दिनकर

दिनकर है जीवित स्मृति, पर प्रेरणा लेता कौन है । एक कविता बिहार से

डीआईजी विकास वैभव 2003 बैच के बिहार कैडर से IPS अफसर हैं। वे आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग में ग्रैजुएट हैं। एनआईए में रहते हुए IPS विकास वैभव कई आतंकी वारदातों की गुत्थियां सुलझा चुके हैं।भागलपुर रेंज के डीआईजी...
Bihar, Patna

चमत्कार है इस माटी में इस माटी का तिलक लगाओ | एक कविता बिहार से

बाबा नागार्जुन हिन्दी और मैथिली के अप्रतिम लेखक और कवि थे। उनका असली नाम वैद्यनाथ मिश्र था परंतु हिन्दी साहित्य में उन्होंने नागार्जुन तथा मैथिली में यात्री उपनाम से रचनाएँ कीं। बाबा नागार्जुन बचपन से ही घुमक्क...
Saurav Anuraj

उसे भी देख, जो भीतर भरा अंगार है साथी | एक कविता बिहार से

 उसे भी देख, जो भीतर भरा अंगार है साथी। सियाही देखता है, देखता है तू अन्धेरे को, किरण को घेर कर छाये हुए विकराल घेरे को। उसे भी देख, जो इस बाहरी तम को बहा सकती, दबी तेरे लहू में रौशनी की धार है साथी।...
गाँव की लड़कियाँ

गाँव की लड़कियाँ | एक कविता बिहार से

संजय कुमार शांडिल्य की कविता संग्रह ‘आवाज भी देह है’ को बोधि प्रकाशन ने प्रकाशित किया तथा उन्हें जयपुर में दीपक अरोड़ा स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।  संजय औरंगाबाद  दाउदनगर महाविद्यालय से सेवारत अध्यापक एस...
छठ

छूटे न अबकी छठ के बरतिया | एक कविता बिहार से

गोबर से, मिट्टी से, लीपा हुआ घर-दुआर नया धान, कूद फाँद, गुद-गुद टटका पुआर छठ मने ठेकुआ, सिंघारा-मखाना छठ मने शारदा सिन्हा जी का गाना बच्चों की रजाई में भूत की कहानी देर राह तक बतियाती माँ, मौसी, मामी व्रत...

मैं तेरे इश्क़ में सरमाया-दार बन के रहा | एक कविता बिहार से

हवा के होंट खुलें साअत-ए-कलाम तो आए, ये रेत जैसा बदन आँधियों के काम तो आए|   बिहार के बेगुसराय में 1 जुलाई 1981 ई० को जन्में ग़ालिब अयाज़ जी जीविका के सिलसिले में दिल्ली में निवासित हैं| जीवन के मीठे औ...
दिवाली

अइले दिवाली लै के जोतिया के धार | एक कविता बिहार से

  दिवाली आ गयी है| पटाखे और खिलौने ख़रीदे जा रहे हैं| लक्ष्मी-गणेश पूजन की तैयारियाँ चल रही हैं| समाज में भिन्न-भिन्न तबके के लोग हैं| कुछ लोग इस दिन जुआ खेलने का आनंद लेते हैं वहीं इसी समाज में कुछ...
देखें तो

इश्क़े के सदमे उठाने नहीं आसाँ ‘हसरत’ | एक कविता बिहार से

सीना तो ढूँढ लिया मुत्तसिल अपना हम ने, नहीं मालूम दिया किस को दिल अपना हम ने| दर ग़रीबी न था कुछ और मयस्सर ‘हसरत’, इश्‍क़ की नज्र किया दीन ओ दिल अपना हम ने| “दौर कोई भी हो, इश्क़ की तासीर वही होती है”, नज्...
Animesh Dutta, Ganga Ghat, PatnaBeats

भीष्म गंगा का पुत्र है | एक कविता बिहार से

गौतम वसिष्ठ जी कर्नाटक में रहते हैं| मुख्यतः बिहार से हैं, यहीं पले-बढ़े| लखीसराय जिले के बल्गुदार गाँव में इनका जन्म हुआ| हिंदी, इंग्लिश और रसियन साहित्य पर पकड़ रखते हैं और इन तीनों ही भाषाओं में कविता लिखन...
patnabeats, सुजाता

दिनकर डूबता है तो उगता भी तो है हर रोज | एक कविता बिहार से

शुभकामना संदेश के साथ अपनी रचना हमें सौंपी है सुजाता प्रसाद जी ने| महिलाओं के साथ अच्छी बात यह होती है कि इनके दो-दो घर हो सकते हैं| इसी तर्ज़ पर श्रीमती सुजाता जी का भी मायका दरभंगा, बिहार में है और ससुराल बीर...