पटना में बिहारनामा | भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि पर व्याख्यान, बतकही और गायन का संगम

बिहार की संगीत परंपरा पर व्याख्यान देंगे नॉर्वे से आ रहे मशहूर चिकित्सक—लेखक प्रवीण झा

लोकगीतों में स्त्रियों के मजबूत स्वरवाले विशेष गीतों का गायन करेंगी चंदन तिवारी

इस बार भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि यानी दस जुलाई को राजधानी पटना में एक विशेष आयोजन होनेवाला है. लोकराग का यह आयोजन भोजपुरी संगठन आखर के सौजन्य व बिहार म्यूजियम के विशेष सहयोग से हो रहा है. इस आयोजन में भाग लेने व विशेष व्याख्यान देने नॉर्वे में रहनेवाले चिकित्सक व प्रसिद्ध लेखक, संगीत अध्येता डॉ प्रवीण झा पटना आ रहे हैं. डॉ प्रवीण झा का व्याख्यान बिहार में संगीत परंपरा और भारतीय संगीत में बिहार के योगदान पर होगा. डॉ प्रवीण झा अभी गिरमिटिया मजदूरों व अप्रवासी भारतीयों पर लिखी अपनी नयी किताब कुली लाइंस की वजह से दुनिया भर में चरचे में हैं. उनकी अगली किताब संगीत पर आनेवाली है. इस आयोजन में पुरबियातान फेम गायिका सुश्री चंदन तिवारी अपनी टीम के साथ विशेष गीतों का गायन करनेवाली हैं. वह भिखारी ठाकुर के गीतों का तो गायन करेंगी ही, उस बहाने लोकगीतों की परंपरा में जो स्त्री नायिकाएं रही हैं या कि बिहारी लोकगीतों में जो स्त्री का स्वर व पक्ष रहा है, वैसे गीतों का विशेष गायन करेंगी. भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि पर हो रहे इस विशेष आयोजन में भिखारी ठाकुर की रचनाओं में स्त्रियों के स्वर व पक्ष पर एक संवाद होगा. बतकही की चौपाल में होनेवाले इस संवाद में विशेषज्ञ के तोर पर भिखारी ठाकुर के अध्येता तैयब हुसैन पीड़ित और मशहूर कथाकार ह्रषिकेश सुलभ से बातचीत होगी, वे श्रोताओं के सवाल का भी जवाब देंगे. इस आयोजन में भाग लेने के लिए बिहार के अलग—अलग हिस्से से लोगों के पहुंचने की संभावना है.

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Quote of the day:“You were given life; it is your duty (and also your entitlement as a human being) to find something beautiful within life, no matter how slight.” 
― Elizabeth Gilbert

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