15 साल के वनवास के बाद मैदान पे उतरेगी बिहार की क्रिकेट टीम , विजय हज़ारे ट्रॉफी के लिए टीम रवाना

कभी कभी इंतज़ार की घड़ियां थोड़ी लंबी हो जाती हैं मगर लगन, मेहनत और दृढ़ता आख़िरकार उस घड़ी की सुइयों को आराम देने में कामयाब हो ही जाती हैं। कुछ ऐसा ही हाल है नवगठित बिहार क्रिकेट टीम का। गुजरात में 19 सितंबर को नागालैंड के साथ विजय हजारे टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलने के लिए बिहार की सीनियर टीम शुक्रवार दोपहर रवाना हो गई। डेढ़ दशक के अंतराल के बाद पहली बार ऐसा होगा कि बिहार की क्रिकेट टीम बीसीसीआई के किसी सीनियर टूर्नामेंट में खेलेगी।
जब 2011 में महेंद्र सिंह धोनी ने भारत के लिए वर्ल्डकप उठाया तो बिहारी क्रिकेटरों की पुरानी यादें ताज़ा हो गईं। दरअसल जब धोनी ने क्रिकेट टूर्नामेंटों में शिरकत करना शुरू किया था तब झारखंड अलग नहीं हुआ था और धोनी बिहार क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। 15 नवंबर, 2000 को हुए बिहार-झारखंड बंटवारे के बाद बिहार ने जमशेदपुर में स्थित बिहार क्रिकेट संघ का मुख्यालय खो दिया। राज्य और बीसीसीआई की राजनीति के चक्कर में बिहार क्रिकेट टीम की दुर्गति हो गई जिसका खामियाजा युवा बिहारी क्रिकेटरों को भुगतना पड़ा। युवा क्रिकेटरों के लिए पलायन मजबूरी बन गया, जिसका नतीजा ये हुआ कि बिहार की समूची क्रिकेट प्रतिभा चंद लोगों तक सिमट कर रह गई। सिर्फ कुछ गिने चुने क्रिकेटर, जो दूसरे राज्यों में जाकर रहने और अकादमी की फीस का खर्च उठा सकते थे, वही आगे बढ़ पाए। बाक़ी वो सारे लोग जो ग़रीबी या अन्य कारणों की वजह से बाहर नहीं जा पाए उन्होंने अपने क्रिकेट के सपनों को आंखों से उतार कर गली क्रिकेट और टीवी स्क्रीन तक सीमित कर लिया। बिहार में नित नए पनपते क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई के बिहार क्रिकेट टीम की मान्यता रद्द करने के फैसले को बल दिया।
मगर धीरे धीरे हालातों में सुधार आया और हाल ही में बिहार की टीम को रणजी में खेलने की अनुमति मिल गई है। 15 वर्षों बाद ऐसा मौका आया है कि बिहार क्रिकेट टीम किसी सीनियर बीसीसीआई टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। इससे पहले आखिरी बार साल 2003 में बिहार की क्रिकेट टीम ने त्रिपुरा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी का मैच खेला था। झारखंड को विजय हजारे टूर्नामेंट और विदर्भ को रणजी चैम्पियन बनाने में कोच के तौर पर अहम योगदान देने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर, सुब्रतो बनर्जी को टीम का कोच नियुक्त किया गया है। पिछले दिनों मेहमान खिलाड़ी के तौर पर बिहार क्रिकेट टीम से जुड़े प्रज्ञान ओझा इस टीम की कप्तानी करेंगे ।

टीम इस प्रकार है:

बल्लेबाज – बाबुल कुमार (पटना), आशीष सिन्हा (पटना), केशव कुमार, उपकप्तान (पटना), कुंदन शर्मा (पटना), मो रहमतुल्लाह (भागलपुर), अंशुमान गौतम (अरवल), ईशान रवि (पटना), विकास रंजन, विकेटकीपर (मुजफ्फरपुर), रोहित राज भोजपुर

स्पिनर – प्रज्ञान प्रकाश ओझा, कप्तान (गेस्ट प्लेयर), आशुतोष अमन, ऑलराउंडर (गया), समर कादरी (पटना)

तेज गेंदबाज – दीवान रेहान खान (पटना), मनीष कुमार राय (पटना), अनुनय नारायण सिंह (लखीसराय)

स्टैंडबाई :

तेज गेंदबाज – अभिजीत साकेत (पटना), हिमांशु हरी (पटना), दिलीप पटेल (कैमूर)

बल्लेबाज- कुमार मृदुल (पटना), विजय कुमार भारती (पूर्णिया)

ऑफ स्पिनर – प्रमोद यादव (नवादा).

कार्यक्रम : विजय हजारे ट्रॉफी : 19 सितंबर-बिहार-नगालैंड, 20 सितंबर : बिहार-उत्तरारखंड, 24 सितंबर : बिहार-पुडुचेरी, 26 सितंबर : बिहार-मेघालय, 28 सितंबर : बिहार -अरुणाचलप्रदेश, 30 सितंबर: बिहार -सिक्किम, 04 अक्टूबर : बिहार- मणिपुर, 08 अक्टूबर : बिहार- मिजोरम, सभी मैच गुजरात में.
तो आइये हम अपने बिहार की टीम का हौसला पूरे जोशो खरोश के साथ बढ़ाएं क्यूंकि ये मौका सालों के इंतज़ार के बाद आया है। हमारी टीम को पटनाबीट्स की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं 

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